Ranchi News: पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) से जुड़े कथित टैक्स चोरी के मामले को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 3260 राजनीतिक दलों के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के कथित टैक्स खेल की बात सामने आई है। ऐसे में सरकार को जांच और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
राकेश सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों से काला धन वापस लाने की बात कही थी। उनके अनुसार अब विदेश से काला धन वापस आने के बजाय देश में ही कथित तौर पर काले धन को सफेद करने का मामला सामने आने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही हैं, तो मामला केवल टैक्स चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता से भी जुड़ा है।
10 हजार करोड़ के कथित टैक्स मामले पर मांगा जवाब
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से पूछा कि 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की कथित टैक्स चोरी के मामले में अब तक कितनी रकम बरामद की गई है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि कितने मामलों की जांच पूरी हुई और कितने लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
राकेश सिन्हा ने राजनीतिक दलों के पंजीकरण या मान्यता से संबंधित कार्रवाई पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या इन दलों के किसी प्रभावशाली व्यक्ति या संगठन से संबंध सामने आए हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार के पास कार्रवाई के पर्याप्त आधार हैं, तो इसकी पूरी जानकारी जनता के सामने क्यों नहीं रखी जा रही है।
कांग्रेस के बैंक खातों और टैक्स नोटिस का भी उठाया मुद्दा
राकेश सिन्हा ने कांग्रेस के बैंक खातों पर हुई कार्रवाई और टैक्स नोटिस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के बैंक खातों पर कार्रवाई की गई थी और भारी टैक्स नोटिस दिए गए थे। ऐसे में उनका सवाल है कि हजारों करोड़ रुपये के कथित टैक्स मामले में कार्रवाई की रफ्तार धीमी क्यों है।
उन्होंने कहा कि टैक्स कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। सरकार न तो कानून का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए कर सकती है और न ही किसी कथित आर्थिक अपराध पर चुप रह सकती है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा के पुराने नारे "ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा" का उल्लेख करते हुए कहा कि अब जनता जानना चाहती है कि यदि हजारों करोड़ रुपये के कथित टैक्स खेल का मामला सामने आया है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जांच से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही सवाल किया कि 3260 कथित फर्जी राजनीतिक दलों का नेटवर्क किसके संरक्षण में चलता रहा और इस मामले में वास्तविक लाभार्थी कौन हैं। राकेश सिन्हा ने कहा कि जनता अब केवल बयान नहीं, बल्कि पूरे मामले में सरकार से जवाब और कार्रवाई चाहती है।