Jharkhand Weather Update: झारखंड के कई जिलों में शुक्रवार सुबह से बारिश का दौर जारी है. रांची, खूंटी और सरायकेला-खरसावां समेत कई इलाकों में देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले छह दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला बना रह सकता है. रांची में इस मानसून अब तक 1043 मिमी बारिश दर्ज हुई है.
कई जिलों में बारिश का दौर
शुक्रवार की शुरुआत राजधानी रांची समेत कई इलाकों में बारिश के साथ हुई. रात से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मौसम सुहाना बना हुआ है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक राज्य में हल्की से मध्यम बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है. इस दौरान तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.
रांची में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश
मौसम केंद्र रांची के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 11 सितंबर तक राजधानी में 1043 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 910.1 मिमी रहता है. इस हिसाब से रांची में अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है. शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक भी शहर में 6.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.
सितंबर की 66% बारिश पूरी
सितंबर में भी बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है. पूरे महीने सामान्य बारिश करीब 212 मिमी होती है, जबकि 11 सितंबर तक ही लगभग 141 मिमी पानी बरस चुका है. यानी महीने की सामान्य बारिश का करीब 66 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ 11 दिनों में पूरा हो गया है. अब सितंबर के सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए करीब 71 मिमी बारिश की जरूरत है.
20 सितंबर तक बना रहेगा असर
अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है. इसके बाद अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है. 20 सितंबर तक आसमान में आंशिक बादल छाए रहने और बीच-बीच में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है.
डैम में बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश का असर राजधानी के जलाशयों पर भी दिख रहा है. गोंदा डैम का जलस्तर 27 फीट तक पहुंच गया है, जबकि इसकी कुल क्षमता 28 फीट बताई गई है. गेतलसूद डैम का जलस्तर भी बढ़कर 32 फीट हो गया है. जलाशयों में पर्याप्त पानी जमा होने से आने वाली गर्मी में राजधानी में पेयजल संकट का दबाव कम रहने की उम्मीद है.
झारखंड से मानसून की विदाई अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के आसपास होने की संभावना जताई गई है. इसके चलते दशहरा और दुर्गापूजा के दौरान बारिश का असर कम रहने की उम्मीद है.
वहीं, अलनीनो का प्रभाव नवंबर-दिसंबर तक बने रहने की संभावना बताई गई है. इसके चलते इस बार ठंड सामान्य से कुछ कम रहने का अनुमान है. हालांकि, इसके बाद गर्मी का असर अधिक महसूस हो सकता है.