Jamshedpur: बागबेड़ा के निचले इलाकों में शुक्रवार को अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे नया बस्ती क्षेत्र के सैकड़ों घर जलमग्न हो गए। उड़ीसा में आए साइक्लोन और डैम के फाटक खोले जाने से खरकाई नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ज़िला परिषद की पार्षद डॉ. कविता परमार स्वयं क्षेत्र में पहुंचीं और हालात का जायजा लिया। उन्होंने उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से संपर्क कर एनडीआरएफ टीम की मांग की, जिसके बाद राहत कार्य के लिए 30 सदस्यों की टीम मौके पर पहुंची। धीरज कुमार के नेतृत्व में NDRF ने पांच घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
राहत कार्य के दौरान डॉ. कविता परमार स्वयं एनडीआरएफ टीम के साथ मोर्चा संभाले रहीं। उन्होंने तत्काल सरस्वती शिशु मंदिर में राहत शिविर स्थापित कराया और पीड़ितों को फूड पैकेट भी वितरित करवाए।
इस दौरान पूर्व मुखिया बुधराम टोप्पो, पूर्व पंचायत समिति सदस्य धर्मेंद्र चौहान, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित प्रकाश, अंचलाधिकारी मनोज कुमार, बागबेड़ा थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण व उनकी टीम, पंचायत सचिव चंद्र मोहन सोरेन, अल्बिना तिर्की, उर्मिला दौराई और मनोज सोरेन भी राहत कार्य में सक्रिय रूप से शामिल रहे।
प्रशासन की तत्परता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सूझबूझ से बड़ी त्रासदी को टाल दिया गया और सैकड़ों जानें सुरक्षित बचाई जा सकीं।