Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-04-26

छात्रों ने विकसित किया पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर, हरित भविष्य की दिशा में एक अहम कदम

Meta Description

कोटा स्थित एनटीटीएफ आर डी एजुकेशन टाटा टेक्निकल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट के अंतिम वर्ष के मेकाट्रॉनिक्स छात्रों ने पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का शानदार उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक उन्नत इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर का डिज़ाइन और विकास किया है।

इस अभिनव परियोजना का नेतृत्व सुश्री अंकिता श्रीवास्तव ने किया, जिसमें विशाल सरकार सह-नेता रहे। टीम के अन्य सदस्यों में सोमिल दव राज और अमिताभ कुमार शामिल थे। परियोजना के तकनीकी मार्गदर्शन में कौशल कुमार ठाकुर का अहम योगदान रहा, जबकि संस्थान की ओर से सीपी15 विभागाध्यक्ष एवं परियोजना समन्वयक अजीत कुमार, प्राचार्या प्रीता जॉन तथा सेक्शन इंचार्ज श्री मनीष कुमार ने छात्रों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान किया।
 
इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर की मुख्य विशेषताएँ:
 
पर्यावरण के अनुकूल: रिचार्जेबल बैटरी पैक द्वारा संचालित, बिना किसी प्रदूषण के संचालन।
 
ऊर्जा दक्षता: कम ऊर्जा खपत में अधिक दूरी तय करने की क्षमता।
 
उन्नत सुरक्षा सुविधाएँ: रिजनरेटिव ब्रेकिंग, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC)।
 
आरामदायक और विशाल इंटीरियर: यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध।
 
 
टीम के सदस्यों के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देना, ऊर्जा दक्षता में सुधार लाना और वाहन की सुरक्षा व आराम को बढ़ाना था। भविष्य में वे इस इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर के डिज़ाइन को और अधिक परिष्कृत करने, इसे व्यावसायीकरण योग्य बनाने और बड़े स्तर पर उत्पादन के अवसरों की तलाश करने की योजना बना रहे हैं।
 
इसके अलावा, इलेक्ट्रिक बाइक (ई-बाइक) के महत्व पर भी जोर दिया गया, जिसे पारंपरिक साइकिलिंग के साथ इलेक्ट्रिक सहायता के संयोजन के रूप में एक टिकाऊ और सुविधाजनक विकल्प बताया गया। ई-बाइक्स शून्य टेलपाइप उत्सर्जन के साथ न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार करती हैं, बल्कि जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता भी कम करती हैं।
 
छात्रों द्वारा प्रस्तुत यह परियोजना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि शैक्षणिक संस्थान किस तरह से पर्यावरणीय समस्याओं का व्यावहारिक समाधान तलाशने और हरित भविष्य को साकार करने में योगदान दे सकते हैं।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !