5 दिनों तक चली खोजबीन
घटना 9 सितंबर की शाम करीब 4 बजे की है। परिजनों ने बताया कि उसी दिन धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के पड़ियाशोल गांव का रहने वाला पप्पू महतो उनके घर आया हुआ था। आरोप है कि उसी दौरान उसने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। परिवारजन यह सोचकर लड़की को ढूंढते रहे कि शायद आसपास ही होगी या किसी रिश्तेदार के घर गई होगी, लेकिन जब पांच दिनों की खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला, तब जाकर मामला पुलिस तक पहुंचा।
13 सितंबर की शाम करीब 5:45 बजे परिवार ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। डुमरिया पुलिस ने आरोपी पप्पू महतो के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की लोकेशन और मूवमेंट की जानकारी उसके मोबाइल फोन के आधार पर जुटाई जा रही है।
परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि इस घटना से उनकी इज्जत और सुरक्षा दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द बेटी को बरामद करने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी और चिंता का माहौल है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।
यह मामला न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अपराधियों के मनोबल को रोका जा सके और आम लोगों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।
आमजन से अपील
इस तरह की घटनाएं सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता हैं। नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में चुप्पी नहीं, बल्कि जागरूकता और तुरंत कार्रवाई जरूरी है। अगर समाज सतर्क रहेगा और अपराध के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएगा, तभी बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सकेगा।