
इस बैठक में पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और विसर्जन की समुचित तैयारी पर विस्तार से चर्चा हुई। मौके पर रूरल एसपी श्री ऋषभ गर्ग, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर भगीरथ प्रसाद समेत प्रशासन और पुलिस के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
पूजा समितियों की मांग और सुझाव
बैठक में केंद्रीय शांति समिति के सदस्यों ने विभिन्न पूजा समितियों की ओर से कई आवश्यक मांगें और सुझाव रखे। इनमें साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, निर्बाध बिजली, महिला आरक्षियों की तैनाती, सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क मरम्मतीकरण, ड्रॉप गेट की स्थापना और विसर्जन घाट पर सुविधाओं की व्यवस्था जैसी बातें शामिल थीं।
जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि थानावार शांति समिति बैठकों से प्राप्त फीडबैक पर कार्य किया जा रहा है और सभी व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त कर लिया जाएगा।
उपायुक्त के निर्देश
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि प्रशासन की ओर से लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा:
- सभी पूजा समितियां तय विसर्जन मार्ग का ही उपयोग करें और स्थानीय थाना के साथ समन्वय बनाए रखें।
- प्रत्येक पंडाल में जनरेटर और माइकिंग सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
- पंडालों के बाहर पार्किंग स्थल पूर्व से चिन्हित किए जाएं।
- किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की पूर्व जांच कर ली जाए।
वरीय पुलिस अधीक्षक का संदेश
वरीय पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष पांडेय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंडाल में महिला वॉलंटियर्स की नियुक्ति की जाए। साथ ही सभी समितियां विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग से अनिवार्य रूप से एनओसी प्राप्त करें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और अफवाहों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की। एसएसपी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध या गलत सूचना को बिना जांचे साझा न करें और उसकी सत्यता थाना या प्रशासनिक अधिकारियों से पुष्टि करें।
समितियों और जनता से अपील
बैठक में सभी पूजा समितियों को निर्देशित किया गया कि पंडालों में क्षमता से अधिक लोगों को प्रवेश न दिया जाए और प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाए जाएं। सीसीटीवी कैमरे पंडालों और मेला परिसर में अनिवार्य रूप से लगाए जाएं तथा उनकी निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।
इसके अलावा:
- वॉलंटियर की सूची संबंधित थाना को उपलब्ध कराई जाए।
- थाना प्रभारी द्वारा वॉलंटियर्स की पूर्व ब्रीफिंग की जाए।
- पंडालों में खोया-पाया अनाउंसमेंट की व्यवस्था हो।
- फर्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखा जाए।प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में एसओआर राहुल आनंद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी, एनडीसी डेविड बलिहार, अपर नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार, डीटीओ धनंजय, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम चंद्रजीत सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव सहित सभी बीडीओ, सीओ, डीएसपी, थाना प्रभारी और अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
दुर्गापूजा पूर्वी सिंहभूम जिले के सबसे बड़े उत्सवों में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। प्रशासन और शांति समिति की इस संयुक्त बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न हो। जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी और सभी समितियों व नागरिकों से अपेक्षित सहयोग की अपील की है।