अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी और उनके दुरुपयोग पर लगाम लगाना है। झारखंड नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड के जोनल डायरेक्टर अभिषेक आनंद ने बताया कि नष्ट किए गए पदार्थों में 300 किलो गांजा, करीब 250 किलो डोडा और अन्य मादक पदार्थ शामिल थे। इसके अलावा, गृह मंत्रालय के निर्देश पर 25 किलो अफीम को विशेष उपचार के बाद राजकीय अफीम फैक्ट्री, गाजीपुर भेजा जाएगा।
सरकारी दिशानिर्देशों का पालन
यह अभियान पूरी तरह से सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह दूसरा मौका है जब झारखंड के सभी जिलों से बरामद ड्रग्स को इस प्लांट में नष्ट किया गया है। इससे पहले, जनवरी में भी इसी तरह का अभियान चलाया गया था। आदित्यपुर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड झारखंड का एकमात्र बायो और इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट है, जो सभी सरकारी मानकों का पालन करता है।
महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान सरायकेला के एसपी मुकेश कुमार लुणायत, सिनी ओपी प्रभारी राजेंद्र कुमार, कंपनी के प्लांट हेड आशीष सिंह सहित झारखंड नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस तरह की कार्रवाइयां यह दर्शाती हैं कि सरकार मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और समाज को नशा-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अभियान कड़ा संदेश
यह अभियान न केवल मादक पदार्थों के तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दिखाता है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्रिय है।