Jamshedpur News: जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित जुबली पार्क में 40 वर्षों से चाय और झालमुड़ी बेचकर आजीविका चला रहे खुमचा व्यवसायियों पर संकट आ गया है. जुस्को की एसआरटी टीम ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए खुमचा वालों को मारपीट कर पार्क से भगा दिया. इस घटना के बाद खुमचा लगाने वाले भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं.
खुमचा व्यवसायियों का कहना है कि वे पिछले चार दशकों से पार्क में घूम-घूमकर चाय, झालमुड़ी और अन्य सामान बेचकर अपने परिवार का पेट पालते हैं. साथ ही सफाई का भी ध्यान रखते हैं, फिर भी जुस्को की टीम उन्हें लगातार हटाने का काम कर रही है. उनका कहना है कि त्योहार का समय नजदीक है और परिवार पर खर्च बढ़ा हुआ है, लेकिन 15 दिनों से रोजगार बंद होने के कारण वे बेहद कठिन परिस्थिति में हैं.
परेशान होकर खुमचा वालों ने सांसद विद्युत वरण महतो से मदद की गुहार लगाई. इधर, बीजेपी नेताओं ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज सिंह ने जुस्को की कार्रवाई को “तुगलकी फरमान” बताया. उन्होंने कहा कि जिस देश का प्रधानमंत्री कभी चाय बेचकर इस मुकाम तक पहुंचे, उसी देश में गरीबों को चाय बेचने से रोका जा रहा है. नीरज सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जुस्को प्रबंधन ने इस मामले का समाधान नहीं निकाला, तो बीजेपी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी.
खुमचा वालों का कहना है कि जमशेदजी नुसरवानजी टाटा ने जमशेदपुर की नींव मजदूरों और आम जनता के विकास की सोच के साथ रखी थी. जुबली पार्क शहर की पहचान और सैकड़ों गरीब परिवारों के लिए रोजगार का जरिया रहा है. लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि 40 साल से परिवार पाल रहे ये लोग आखिर जाएंगे तो कहां? समाधान निकलेगा या वे सड़क पर आने को मजबूर होंगे, यह आने वाला वक्त ही बताएगा.