Ranchi: राजधानी रांची में असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में बारिश की रुकावट के बाद भी हजारों लोग उपस्थित रहे और भव्य आयोजन में शामिल हुए।
मुख्य अतिथि के रूप में शामिल लोग
आपको बता दे कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और भाजपा विधायक सीपी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने पूरे मैदान को रोशनी से जगमगा दिया और वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
70 फीट ऊँचे रावण के पुतलों का क्रमवार दहन
आतिशबाजी के बाद सबसे पहले 30×30 फीट की सोने की लंका जलाई गई। इसके उपरांत 60 फीट ऊँचे मेघनाथ, 65 फीट ऊँचे कुंभकर्ण और 70 फीट ऊँचे रावण के पुतलों का क्रमवार दहन किया गया। परंपरा के अनुसार, विधायक सीपी सिंह ने मेघनाथ, मंत्री संजय सेठ ने कुंभकर्ण और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रावण का पुतला जलाकर विजयादशमी का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा ?
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब मौसम भी झारखंडवासियों के उत्साह को कम नहीं कर सका। उन्होंने विजयादशमी की बधाई देते हुए कहा – “यह पर्व असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। जनसैलाब हमारी संस्कृति और सभ्यता की जीवंतता को दर्शाता है।”
पंजाबी हिंदू बिरादरी द्वारा आयोजित यह दशहरा उत्सव लगातार 76 वर्षों से रांची में मनाया जा रहा है। इस बार भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लोक प्रस्तुतियों ने लोगों को देर रात तक बाँधे रखा। बारिश के बीच भी लोग छाता और कुर्सी सिर पर रखकर कार्यक्रम का आनंद लेते रहे और रावण दहन के इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बने।