Ghatshila: जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार घाटशिला विधानसभा उपचुनाव-2025 के सुचारू, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन हेतु विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप माइकल जॉन सभागार, बिष्टुपुर में चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि निर्वाचन कार्य के सभी चरण यथा नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी), नाम वापसी, प्रतीक (सिंबल) आवंटन, मतदान, मतगणना एवं परिणाम घोषणा का कार्य पूरी पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया के अनुसार सम्पन्न हों।
आवंटन से संबंधित प्रशिक्षण दिया
पहले सत्र में आरओ (Returning Officer), एआरओ (Assistant Returning Officer), डीएलएमटी (District Level Master Trainer), एएलएमटी (Assembly Level Master Trainer) तथा आरओ कोषांग के पदाधिकारियों को नामांकन, स्क्रूटनी, नाम वापसी एवं सिंबल आवंटन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया ।
दूसरे सत्र में कार्मिक कोषांग और निर्वाचन
दूसरे सत्र में कार्मिक कोषांग और निर्वाचन कोषांग के पदाधिकारियों को पोलिंग पार्टियों के गठन, मतदान दिवस की व्यवस्थाओं, मतदान केन्द्रों के प्रबंधन, सामग्री वितरण एवं सुरक्षा से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पारदर्शी मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित
इसके अलावा ईवीएम (EVM) कोषांग और पोस्टल बैलेट कोषांग के सदस्यों को उनके कार्यों के संबंध में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया ताकि मशीनों के सुरक्षित उपयोग, रख-रखाव और पारदर्शी मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
कार्रवाई और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित
वल्नरेबिलिटी मौपिंग (Vulnerability Mapping) को लेकर सेक्टर पदाधिकारियों एवं सेक्टर पुलिस पदाधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, रोकथामात्मक कार्रवाई और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।
मतगणना एवं परिणाम घोषणा
मतगणना एवं परिणाम घोषणा की प्रक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण भी आरओ, एआरओ, डीएलएमटी एवं एएलएमटी को दिया गया, ताकि प्रत्येक चरण में निर्वाचन आयोग के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ
प्रशिक्षण कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ, जिसमें मास्टर ट्रेनर्स द्वारा निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, तकनीकी प्रक्रियाओं एवं निर्वाचन संबंधी चेकलिस्टों की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री कर्ण सत्यार्थी ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर कहा कि प्रत्येक अधिकारी निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करें। किसी भी त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है ।