Jamshedpur: जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल अस्पताल की लचर व्यवस्था में सुधार लाने के लिए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मंगलवार को करीब चार घंटे तक गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी, वार्ड, पैथोलॉजी, ब्लड बैंक समेत विभिन्न विभागों की स्थिति का जायजा लिया।
बेड की कमी और दवाओं पर सख्त रुख
इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की अत्यधिक भीड़ और बेड की कमी देखकर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल बेड बढ़ाने और मरीजों को जल्द से जल्द वार्ड में शिफ्ट करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने वार्डों में 24 घंटे चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। विभागाध्यक्षों के साथ बैठक में दवाओं की कमी सबसे प्रमुख मुद्दा रही। उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रत्येक मरीज को 100 प्रतिशत दवा मिलनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सेंट्रल पैथोलॉजी और उपकरणों की खरीद
निरीक्षण के दौरान यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि अस्पताल में एक सेंट्रल पैथोलॉजी की स्थापना की जाएगी। इससे सभी प्रकार की जांचें एक ही छत के नीचे होंगी, जिससे मरीजों की निजी लैब पर निर्भरता खत्म होगी। उन्होंने उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शीघ्र आरंभ करने का आदेश दिया। उपायुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को मिले 5-5 लाख रुपये की राशि का उपयोग 15 दिनों के भीतर करने और अगली समीक्षा बैठक की तैयारी करने को कहा।
ऑपरेशन में देरी पर असंतोष, कार्रवाई के निर्देश
ऑपरेशन में हो रही देरी पर असंतोष जताते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक चिकित्सक के ऑपरेशन का दैनिक रिकॉर्ड रखा जाए और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट और ब्लड बैंक में भी सुधार लाने तथा मरीजों के लिए एक समर्पित वाहन खरीदने की बात कही।
व्यवस्था पारदर्शी और जनहितकारी
DC कर्ण सत्यार्थी ने जोर देकर कहा कि एमजीएम अस्पताल पूरे कोल्हान क्षेत्र की जीवन रेखा है, इसलिए यहां की हर व्यवस्था पारदर्शी और जनहितकारी होनी चाहिए।