International News: अमेरिका में भारतीय मूल के प्रतिष्ठित रणनीतिक विश्लेषक और पूर्व सरकारी सलाहकार एश्ले जे. टेलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. वर्जीनिया के वियना शहर में रहने वाले 64 वर्षीय टेलिस को सप्ताहांत में हिरासत में लिया गया, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अवैध रूप से “टॉप सीक्रेट” से चिह्नित संवेदनशील रक्षा दस्तावेजों को अपने पास रखा और कथित तौर पर चीनी अधिकारियों के संपर्क में रहे.
घर से मिले हजार से अधिक गोपनीय दस्तावेज
एफबीआई द्वारा कोर्ट में दाखिल शपथपत्र के मुताबिक, सितंबर और अक्टूबर के बीच टेलिस को अमेरिकी विदेश और रक्षा विभाग के दफ्तरों में जाते हुए, संवेदनशील दस्तावेजों को प्रिंट कर बैग में लेकर बाहर निकलते हुए देखा गया था. शनिवार को वर्जीनिया स्थित उनके घर पर की गई तलाशी में 1,000 से अधिक दस्तावेज बरामद हुए, जिन पर “टॉप सीक्रेट” और “सीक्रेट” का निशान था.
दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि टेलिस के पास विदेश मंत्रालय और रक्षा विभाग की “टॉप सीक्रेट” सुरक्षा मंजूरी थी, जिसके तहत उन्हें अत्यंत संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच प्राप्त थी. आरोप है कि उन्होंने इन सूचनाओं का दुरुपयोग किया और उन्हें सुरक्षित रखने के बजाय निजी कब्जे में रखा.
चीनी अधिकारियों से मुलाकातों के सबूत
एफबीआई के शपथपत्र में यह भी दर्ज है कि टेलिस पिछले कुछ वर्षों में चीनी सरकारी अधिकारियों से कई बार मिले. 15 सितंबर को वर्जीनिया के फेयरफैक्स के एक रेस्तरां में उनकी एक बैठक दर्ज हुई, जहां वे एक सीलबंद लिफाफा लेकर पहुंचे थे, जो जाते समय उनके पास नहीं था. अप्रैल 2023 में भी एक बैठक में उन्हें चीन-ईरान संबंधों और तकनीकी मामलों पर चर्चा करते सुना गया.
एक अन्य बैठक, 2 सितंबर को, उन्हें चीनी अधिकारियों से एक गिफ्ट बैग प्राप्त करते हुए देखा गया था. यह सभी घटनाएं उनकी मंशा और गोपनीय दस्तावेज़ों के उपयोग को लेकर गंभीर संदेह उत्पन्न करती हैं.
कौन हैं एश्ले जे. टेलिस?
एश्ले जे. टेलिस अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और एशियाई मामलों के विश्व स्तर पर सम्मानित विशेषज्ञ माने जाते रहे हैं. उन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में बी.ए. और एम.ए., तथा शिकागो यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में पीएचडी की है.
वे कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में टाटा चेयर फॉर स्ट्रैटेजिक अफेयर्स और वरिष्ठ फेलो रहे हैं. अमेरिकी विदेश विभाग और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) में अपनी सेवा के दौरान, उन्होंने भारत-अमेरिका असैनिक परमाणु समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. वे आरएएनडी कॉर्पोरेशन में वरिष्ठ नीति विश्लेषक और कई अमेरिकी रक्षा संस्थानों के सलाहकार भी रहे.
टेलिस की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है, जबकि रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वे न्यायालय में लंबित मामलों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते.
अब यह मामला केवल जासूसी या दस्तावेज रखने का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीतिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. आने वाले समय में अमेरिकी न्याय विभाग इस बात की जांच करेगा कि क्या किसी विदेशी सरकार को गोपनीय जानकारी हस्तांतरित की गई थी या नहीं.
एश्ले टेलिस की गिरफ्तारी ने अमेरिका के खुफिया और रणनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि वे लंबे समय तक भारत-अमेरिका संबंधों के सबसे विश्वसनीय विशेषज्ञों में गिने जाते थे.