Bihar Breaking BJP 2nd Candidate List: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है. इस सूची में 12 प्रत्याशियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें सबसे ज़्यादा चर्चा में दो बड़े नाम हैं, लोकगायिका मैथिली ठाकुर और पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा.
बीजेपी ने युवाओं और लोकप्रिय चेहरों पर दांव लगाते हुए अलीनगर सीट से मैथिली ठाकुर को मैदान में उतारा है. मिथिला क्षेत्र और सोशल मीडिया पर व्यापक लोकप्रियता रखने वाली मैथिली ठाकुर का टिकट भाजपा की सांस्कृतिक और भावनात्मक रणनीति को दर्शाता है. वहीं बक्सर से तेजस्वी रवैया और सख़्त प्रशासनिक छवि के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा को उतारा गया है. मिश्रा की एंट्री से पार्टी कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सख़्ती का संदेश देने की कोशिश कर रही है.
आरक्षित और पारंपरिक सीटों पर भी बदलाव
पार्टी ने छपरा से छोटी कुमारी को टिकट दिया है, जबकि रोसड़ा (SC) से बीरेंद्र कुमार और अगियांव (SC) से महेश पासवान को उम्मीदवार बनाया गया है. आरक्षित सीटों पर नए चेहरों को शामिल कर भाजपा ने दलित और पिछड़े वर्ग के वोटरों को साधने की रणनीति अपनाई है.
कई दिग्गजों का टिकट कटा
इस सूची में बदलाव के संकेत भी स्पष्ट हैं. गोपालगंज से कुसुम देवी की जगह सुभाष सिंह को मौका दिया गया है. इसी तरह बाढ़ सीट पर ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू की जगह सियाराम सिंह को उतारा गया है. मुजफ्फरपुर में सुरेश शर्मा का टिकट काटकर रंजन कुमार को प्राथमिकता दी गई है. इन टिकट कटौतियों से यह संदेश गया है कि भाजपा इस बार प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों का चयन कर रही है और एंटी-इनकम्बेंसी को ध्यान में रख रही है.
पहली सूची में 71 नाम
इससे पहले भाजपा ने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी. कुल मिलाकर भाजपा बिहार में 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. एनडीए गठबंधन के तहत जेडीयू को भी 101 सीटें मिली हैं, जबकि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें दी गई हैं. उपेंद्र कुशवाहा और जीतनराम मांझी की पार्टियों को 6-6 सीटों का हिस्सा मिला है.
चुनाव कार्यक्रम
1. पहला चरण मतदान: 6 नवंबर 2025
2. दूसरा चरण मतदान: 11 नवंबर 20253.
3. मतगणना: 14 नवंबर 2025
चुनावी सरगर्मी तेज
राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है. भाजपा की दूसरी सूची ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. मैथिली ठाकुर जैसे सांस्कृतिक चेहरे और आनंद मिश्रा जैसे प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को उतारकर पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह परंपरा, युवाओं और सख़्त नेतृत्व, तीनों का संतुलन साधते हुए मैदान में उतर रही है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन नए चेहरों को कितना स्वीकार करती है.