Jharkhand News: हजारीबाग में वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री और म्यूटेशन घोटाले में जेल में बंद ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. अदालत ने उनके दोनों शोरूम से ACB की सील हटाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद अब इन प्रतिष्ठानों पर लगा ताला जस का तस बनी रहेगा.
यह मामला हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में सुना गया. विनय सिंह ने रांची के डिबडीह स्थित मोटोजेन शोरूम और हजारीबाग में नेक्सजेन महिंद्रा शोरूम को सील मुक्त करने की अपील की थी. इन दोनों परिसरों को ACB ने कांड संख्या 9/2025 के तहत कार्रवाई करते हुए सील किया था.
विनय सिंह की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और ऋषभ कुमार ने दलीलें पेश कीं. उन्होंने तर्क दिया कि व्यवसायिक प्रतिष्ठान सील रहने से न केवल भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि कर्मचारियों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है. हालांकि ACB की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गडोड़िया ने अदालत को बताया कि यह कार्रवाई एक गंभीर जांच का हिस्सा है और शोरूम में मौजूद कई दस्तावेज जांच के लिए आवश्यक हैं.
ACB का आरोप है कि विनय सिंह ने प्रतिबंधित वन भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री की और दस्तावेजों में हेरफेर कर उसे वैध रूप देने की कोशिश की. इसी सिलसिले में चल रही जांच के तहत दोनों शोरूम सील किए गए थे.
अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच पूरी होने तक सील हटाने का कोई आधार नहीं बनता. इसलिए शोरूम पर लगी सील यथावत रहेगी.