Patna: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी नहीं मिलेगी। बोर्ड ने घोषणा की है कि वर्ष 2026 से यह सर्टिफिकेट सीधे छात्रों के डिजिलॉकर अकाउंट में डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि इसके लिए छात्रों को किसी तरह का आवेदन या शुल्क नहीं देना
सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि इसके लिए छात्रों को किसी तरह का आवेदन या शुल्क नहीं देना होगा। रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद माइग्रेशन सर्टिफिकेट की सॉफ्ट कॉपी स्वतः डिजिलॉकर में अपलोड कर दी जाएगी। यह कदम शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल दस्तावेजों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
बोर्ड ने बताया कि यदि किसी छात्र को किसी कारणवश
बोर्ड ने बताया कि यदि किसी छात्र को किसी कारणवश सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी चाहिए, तो वे cbseit.in/cbse/web/dads/ वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यूजीसी ने भी सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिया
यूजीसी ने भी सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे बोर्ड द्वारा जारी डिजिटल माइग्रेशन सर्टिफिकेट को मान्यता दें।यह नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पूरी तरह लागू होगा, जिससे छात्रों का समय और धन दोनों की बचत होगी तथा डुप्लीकेट सर्टिफिकेट की परेशानी भी खत्म हो जाएगी।