Jharkhand Weather Update: झारखंड में मौसम एक बार फिर बदलने की तैयारी में है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 25 और 26 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. यह बारिश खास तौर पर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिलों में देखने को मिलेगी. इनमें पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, देवघर, दुमका, साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़ और जामताड़ा जैसे जिले शामिल हैं. इन इलाकों में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर बिजली चमकने के साथ वर्षा होने की संभावना है.
वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने नागरिकों को इस दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है. विभाग के मुताबिक गरज-चमक के दौरान खुले इलाकों में मोबाइल का इस्तेमाल न करें और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.
तापमान में गिरावट के संकेत
बारिश के साथ झारखंड में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है. फिलहाल 24 अक्टूबर तक राज्य में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा. लेकिन 25 और 26 अक्टूबर को बारिश के प्रभाव से अधिकतम तापमान घटकर 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
इससे सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगेगी. राजधानी रांची समेत मध्य झारखंड के जिलों जैसे खूंटी, गुमला, हजारीबाग और रामगढ़ में मौसम खुशनुमा रहेगा. यहां आसमान साफ रहने की संभावना है और तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा.
उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे कोडरमा और चतरा में दिन का तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रामगढ़ में रात का तापमान 19 डिग्री तक गिरने का अनुमान है, जिससे वहां ठंड की शुरुआत बाकी जिलों की तुलना में पहले महसूस होगी.
कम दबाव का असर भी संभव
मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने जानकारी दी है कि अगले 48 घंटों के भीतर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसका प्रभाव 26 अक्टूबर के बाद झारखंड के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है.
फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री तक अधिक रह सकता है. इसका मतलब है कि फिलहाल ठंड का असर सीमित रहेगा, लेकिन मौसम की दिशा धीरे-धीरे सर्दी की ओर बढ़ रही है.
झारखंड में मौसम का यह बदलाव इस बात का संकेत है कि मानसून अब पूरी तरह पीछे हटने के बाद ठंड का आगमन शुरू कर रहा है. बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र से यह साफ है कि नवंबर के शुरुआती दिनों तक हल्की बारिश और नमी बनी रह सकती है. हालांकि यह बारिश खेती के लिए कुछ राहत लेकर आएगी, खासकर उन किसानों के लिए जिन्होंने देर से बुवाई की थी. लेकिन शहरी इलाकों में बिजली कड़कने और हल्की बारिश से यातायात पर असर पड़ सकता है. कुल मिलाकर राज्य के मौसम में यह बदलाव ठंड की दस्तक का शुरुआती संकेत है और आने वाले दिनों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी.