Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-10-21

Jharkhand News: बीजेपी विधायक सतेंद्र नाथ तिवारी की तबीयत बिगड़ी, दीवाली के दिन दिल्ली के निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती

Jharkhand News: गढ़वा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सतेंद्र नाथ तिवारी की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें सोमवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया गया है कि दीवाली के दिन अचानक उनकी तबीयत खराब हुई, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें तत्काल दिल्ली ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया. फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख में लगातार निगरानी कर रही है.
सूत्रों के अनुसार सोमवार शाम से ही सतेंद्र नाथ तिवारी का इलाज दिल्ली में चल रहा है. परिवार के सभी सदस्य वहीं मौजूद हैं और उनके स्वास्थ्य पर करीबी नजर रखे हुए हैं. अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल उनकी स्थिति को स्थिर बताया है, लेकिन अभी उन्हें कुछ और दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा.

सतेंद्र नाथ तिवारी की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही झारखंड के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई. कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए कहा कि सतेंद्र नाथ तिवारी झारखंड भाजपा के सक्रिय और कर्मठ नेता हैं और हम उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं.

वहीं, गढ़वा विधानसभा चुनाव 2024 में उनसे हार चुके पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भी राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की. मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि राजनीति अपने स्थान पर है लेकिन इंसानियत सबसे ऊपर है. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सतेंद्र जी जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर गढ़वा लौटें और फिर से जनसेवा में जुटें.

गढ़वा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी चिंता का माहौल है. स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना कर विधायक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.

सतेंद्र नाथ तिवारी झारखंड भाजपा के उन नेताओं में से हैं जिन्होंने हमेशा क्षेत्र में सक्रियता और जनता से जुड़ाव बनाए रखा है. उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं बल्कि विपक्षी नेताओं के बीच भी चिंता का विषय बनी हुई है. यह घटना झारखंड की राजनीति में एक मानवीय पहलू को भी उजागर करती है कि जब कोई नेता मुश्किल में होता है, तो राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पीछे छूट जाती है और मानवीय संवेदना सामने आ जाती है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !