Ramayana Quiz: धनबाद के हिरापुर स्थित प्रसिद्ध ट्यूशन सेंटर सावित्री एकेडमी में 21 अक्टूबर को रामायण क्विज का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया.
संस्थान के निदेशक नीलाद्रि चट्टाराज ने इस अवसर पर कहा कि आज के समय में यह अत्यंत चिंता का विषय है कि बच्चे भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों के बारे में बहुत कम जानते हैं. उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को हमारे गौरवशाली अतीत से परिचित कराना और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ना है.
चट्टाराज ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में बच्चे तेजी से पश्चिमी संस्कृति की ओर झुकते जा रहे हैं, जो हमारे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि जब बच्चे मोबाइल पर इंस्टा रील्स या अन्य डिजिटल सामग्री देखने की मांग करें, तब उन्हें हमारे पौराणिक ग्रंथों और महाकाव्यों की कहानियां सुनाएं. ऐसा करने से बच्चों में हमारे समृद्ध संस्कार और संस्कृति की जड़ें मजबूत होंगी.
कार्यक्रम का समापन निदेशक के प्रेरणादायी शब्दों के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व करने का संदेश दिया.
इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि बच्चों में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समझ पैदा करना भी आवश्यक है. रामायण क्विज जैसे आयोजन बच्चों को न केवल हमारे इतिहास और महाकाव्यों से जोड़ते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व में नैतिक मूल्यों और सामाजिक संस्कारों को भी विकसित करते हैं. ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चे अपनी जड़ों और संस्कृति के प्रति जागरूक होते हैं, जो उन्हें आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है. यह पहल शिक्षा और संस्कार के सम्मिलन का उदाहरण है और भविष्य में इसी तरह के आयोजनों की आवश्यकता और बढ़ रही है.