Dhanbad: पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह समेत 10 आरोपियों की रिहाई के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई है। यह अपील फैसले के दो माह बाद दर्ज की गई है।
आरोपियों की रिहाई के आदेश को चुनौती
अपील नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह, मृत ड्राइवर घोलटू महतो की पत्नी मीना देवी और मृतक अशोक यादव की पत्नी इंदु देवी की ओर से दाखिल की गई है। तीनों ने अलग-अलग अपील फाइल कर निचली अदालत द्वारा आरोपियों की रिहाई के आदेश को चुनौती दी है।
फिलहाल यह अपील डिफेक्टिव रिमूवल के लिए रखी
पीड़ित पक्ष ने झारखंड सरकार, संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, रणधीर धनंजय कुमार उर्फ धनजी सिंह, संजय सिंह, डबलू मिश्रा उर्फ राकेश कुमार मिश्रा उर्फ डबलू गिरि उर्फ मृत्युंजय गिरि, पंकज सिंह, कुर्बान अली उर्फ सोनू, सागर सिंह उर्फ शिबू, रोहित सिंह उर्फ चंदन सिंह और विनोद सिंह को पार्टी बनाया गया है। फिलहाल यह अपील डिफेक्टिव रिमूवल के लिए रखी गई है।
बचाव पक्ष के दावे को निचली अदालत ने गलत तरीके से स्वीकार किया
घोलटू महतो की पत्नी मीना देवी की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने बताया कि अपील में निचली अदालत के निर्णय को त्रुटिपूर्ण बताया गया है। आरोप है कि अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की अनदेखी करते हुए बचाव पक्ष के साक्ष्यों को मान्यता दे दी, जो कानून के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि निचली अदालत ने उन तस्वीरों को
उन्होंने कहा कि निचली अदालत ने उन तस्वीरों को भी दरकिनार किया जिन्हें अभियोजन पक्ष ने घटना के साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया था। अदालत ने बचाव पक्ष के तर्कों को आधार बनाते हुए प्रारंभिक साक्ष्यों को नकार दिया, जिससे फैसला असंतुलित हो गया।
गौरतलब है कि एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश
गौरतलब है कि एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने 27 अगस्त 2025 को संजीव सिंह समेत 10 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। अब इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है, जहाँ इसे शीघ्र ही एडमिशन (सुनवाई) के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
