Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव को केंद्र सरकार ने Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है. गृह मंत्रालय के आदेश के बाद सीआरपीएफ के कमांडो अब उनकी सुरक्षा संभालेंगे. यह सुरक्षा उन्हें वीआईपी प्रोटेक्शन लिस्ट के तहत दी गई है. सूत्रों के अनुसार हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया.
तेज प्रताप यादव हाल ही में निर्वाचन आयोग पहुंचे थे, जहां उन्होंने बताया कि मामला उनकी पार्टी के उम्मीदवार श्याम किशोर चौधरी से जुड़ा है. तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि चौधरी को पार्टी का सिंबल दिया गया था, लेकिन उन्होंने बिना परामर्श के महागठबंधन और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी से समर्थन ले लिया. इस पर तेज प्रताप ने आयोग से उनका नामांकन रद्द करने की मांग की. आयोग ने उन्हें अपनी पार्टी के लेटरहेड पर लिखित शिकायत देने को कहा है ताकि कार्रवाई की जा सके.
तेज प्रताप ने कहा कि बिहार में राजनीतिक माहौल ऐसा है कि कब, कहां से हमला हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. इसलिए उन्होंने केंद्र सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी. अब उन्हें वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है. इस श्रेणी में सीआरपीएफ के 11 कमांडो तैनात रहते हैं, जिनमें पांच स्थायी जवान वीआईपी के आवास और आसपास तैनात रहते हैं, जबकि छह पीएसओ तीन शिफ्टों में सुरक्षा देते हैं.
तेज प्रताप इन दिनों महुआ सीट से चुनावी मैदान में हैं, जहां पहले चरण का मतदान हो चुका है. उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी किसी भी ऐसी सरकार का समर्थन करेगी जो रोजगार देगी, पलायन रोकेगी और बिहार में वास्तविक बदलाव लाएगी. उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में चुनाव बाद गठबंधन की संभावनाओं के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल होंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जनता मालिक है, वही बनाती है और वही बिगाड़ती है.
तेज प्रताप यादव अपने बयानों और तेवरों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. गया के वजीरगंज में जनसभा के दौरान उन्होंने मंच से एक व्यक्ति को हरा गमछा पहने देखा तो भड़क उठे. उन्होंने कहा कि यहां पीला गमछा चलेगा, हरा गमछा जयचंद की पार्टी का है. उन्होंने बिना नाम लिए राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुत से बहरूपिए जनता को भरमाने में लगे हैं.
तेज प्रताप यादव को वाई प्लस सुरक्षा मिलना चुनावी दौर में एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है. बिहार की सियासत में तेज प्रताप अपनी बेबाकी और विरोधी तेवरों के लिए जाने जाते हैं. हाल के दिनों में वे लगातार राजद नेतृत्व पर हमलावर रहे हैं और अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा उन्हें वाई प्लस सुरक्षा देना राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है. यह फैसला न सिर्फ उनकी सुरक्षा से जुड़ा है बल्कि उनके बढ़ते राजनीतिक वजन और मौजूदा चुनावी समीकरणों पर भी एक अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है.