Dhanbad Crime News: धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के कृषि बाजार मंडी परिसर में रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तीन अज्ञात अपराधियों ने स्थानीय व्यापारी श्याम भीमसरिया पर हमला कर दिया. अपराधियों ने पहले व्यापारी के साथ मारपीट की और फिर गोली चलाकर पूरे इलाके में दहशत फैला दी. हमले में घायल व्यापारी को आनन फानन में जालान अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.
जानकारी के अनुसार श्याम भीमसरिया रविवार शाम अपनी रिफाइन की दुकान बंद कर घर लौट रहे थे. इसी दौरान बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और लूटपाट का प्रयास किया. जब व्यापारी ने विरोध किया तो अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि अपराधियों ने कई राउंड फायरिंग की, हालांकि गोली व्यापारी को नहीं लगी. लेकिन बदमाशों ने बंदूक की बट से वार किया, जिससे उनके सिर और कान के पास गंभीर चोटें आईं.
घटना के तुरंत बाद आसपास के व्यापारियों ने घायल श्याम भीमसरिया को जालान अस्पताल पहुंचाया. वहीं, सूचना मिलते ही बरवाअड्डा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया है ताकि हमलावरों की पहचान हो सके.
घटना के बाद व्यापारी समुदाय में भारी आक्रोश है. मंडी परिसर के कई व्यापारियों ने कहा कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं जबकि पुलिस सुरक्षा के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं. व्यापारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि श्याम भीमसरिया रोज की तरह दुकान बंद कर लौट रहे थे जब अपराधियों ने घात लगाकर हमला किया. उन्होंने कहा कि गोली चलने के बाद भी पुलिस की गश्ती व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है.
वहीं एक अन्य व्यापारी ने बताया कि वे चेंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम से लौट ही रहे थे कि खबर आई कि मंडी में गोली चली है और लूटपाट हुई है. उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है और इससे व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है.
इधर व्यापारी संघ ने घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है. संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी समुदाय आंदोलन का रास्ता अपना सकता है.
धनबाद में अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ रहा है. बीते कुछ महीनों में शहर और आसपास के क्षेत्रों में लूट, गोलीबारी और हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं. यह घटना फिर साबित करती है कि धनबाद में पुलिस गश्त और खुफिया तंत्र दोनों ही कमजोर हैं. व्यापारी वर्ग जो शहर की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है, वह लगातार डर के साये में काम कर रहा है. ऐसे में पुलिस को सिर्फ बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस कार्रवाई करनी होगी ताकि अपराधियों के मन से कानून का भय वापस लाया जा सके.