CBI जांच की मांग और न्याय पर भरोसा
पूर्व विधायक ने खुलासा किया कि 2017 में हुई घटना के तुरंत बाद उन्होंने स्वयं निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की थी, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल परिवार के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय थी। उन्होंने यह भी बताया कि 2019 में उन्होंने CBI जांच के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर 2023 में राज्य सरकार से जवाब मांगा गया था। कानूनी पहलुओं पर विस्तृत टिप्पणी से बचते हुए उन्होंने न्याय पर भरोसा बनाए रखने की बात कही।
परिवार से दूरी कम करने का प्रयास और पत्नी रागिनी की सराहना
संजीव सिंह ने स्वीकार किया कि राजनीति में सक्रियता के चलते परिवार और परिचितों से दूरी बढ़ गई थी, जिसे अब वे कम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों से भी दूरी खत्म करने की बात कही। उन्होंने पत्नी और पूर्व विधायक रागिनी सिंह की सक्रियता की सराहना की, जिन्हें उन्होंने 2017 में जेल जाने के बाद जनता के बीच सक्रिय रहने का संदेश भेजा था। उन्होंने कहा कि उनके परिवार की राजनीतिक परंपरा समाज सेवा की रही है।
स्वास्थ्य सुधरने पर लेंगे राजनीतिक निर्णय
पूर्व विधायक ने अंत में कहा कि वह अपने स्वास्थ्य के अनुसार भविष्य की राजनीतिक भूमिका तय करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।