Jamshedpur Big News: टाटा स्टील द्वारा सोनारी एयरपोर्ट के विस्तार कार्य ने स्थानीय निवासियों के बीच चिंता और नाराजगी दोनों पैदा कर दी है. एयरपोर्ट के उत्तर और दक्षिण छोर की सड़क अब हवाई अड्डे की चारदीवारी के भीतर लाई जा रही है, जिससे सर्किट हाउस से सोनारी तक जाने वाला मुख्य मार्ग बंद हो जाएगा. इस निर्णय से सोनारी क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होगी.
सोनारी के लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि एयरपोर्ट विस्तार की आड़ में उनके लिए सबसे सुविधाजनक रास्ता खत्म किया जा रहा है. कई स्थानीय प्रतिनिधि और नागरिक संगठनों ने इस पर आवाज उठाई है. सोनारीवासियों की पहल पर विधायक सरयू राय वहां पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुनीं. उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही जुस्को अधिकारियों से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट करेंगे और समाधान के लिए बातचीत शुरू करेंगे.
जानकारी के अनुसार, टाटा स्टील की ओर से एयरपोर्ट विस्तार के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है. नयी सड़क के निर्माण हेतु जमीन का चिन्हांकन और मार्किंग कर दी गई है. यह सड़क डीसी और एसएसपी आवास की ओर से होते हुए एयरोड्राम बाजार तक जाएगी. नयी सड़क बनने के बाद एयरपोर्ट की चारदीवारी वर्तमान सड़क तक पहुंच जाएगी और मौजूदा मार्ग को बंद कर दिया जाएगा.
टाटा स्टील के प्रवक्ता राजेश राजन ने बताया कि पुराना मार्ग तभी बंद किया जाएगा जब वैकल्पिक रास्ता पूरी तरह तैयार हो जाएगा. उन्होंने कहा कि कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि आम लोगों को आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो.
वहीं कंपनी एक और वैकल्पिक मार्ग पर भी काम कर रही है जो सोनारी क्रिश्चियन मैदान के पास से होकर सीधे साईं मंदिर तक जाएगा. यह सड़क क्रिश्चियन बस्ती और मैदान के किनारे बनेगी और आगे चलकर सर्किट हाउस रोड से जुड़ जाएगी. योजना के मुताबिक, नया मार्ग तैयार होने के बाद ही मौजूदा रास्ते को बंद किया जाएगा ताकि यातायात प्रभावित न हो.
सोनारी एयरपोर्ट विस्तार शहर के विकास और हवाई संपर्क के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है, लेकिन इसका स्थानीय जनजीवन पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ना तय है. जिन सड़कों पर लोग रोजाना आवाजाही करते हैं, वे अब एयरपोर्ट परिसर का हिस्सा बन जाएंगी. ऐसे में वैकल्पिक मार्ग का समय पर निर्माण और उसकी गुणवत्ता ही तय करेगी कि यह परियोजना विकास का प्रतीक बनेगी या जन असंतोष का कारण. सरकार और टाटा स्टील दोनों के लिए चुनौती यही है कि विकास के साथ स्थानीय लोगों की सुविधा और सहमति भी सुनिश्चित की जाए.