jharkhand: रिम्स शासी परिषद की बैठक में बुधवार को रिम्स निदेशक और स्वास्थ्य मंत्री के बीच एक बार फिर तनातनी हो गई। एक एजेंडे में उनके द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को लेकर निर्णय लिया जाना था।
एजेंडे के अनुसार जब निदेशक से पूछा गया कि वे बिना अनुमति के छुट्टी लेकर कैसे राज्य से बाहर
एजेंडे के अनुसार जब निदेशक से पूछा गया कि वे बिना अनुमति के छुट्टी लेकर कैसे राज्य से बाहर चले गए तो उन्होंने कहा कि दो माह पहले छुट्टी का आवेदन दिया गया था लेकिन उसे रिजेक्ट कर दिया गया, ऐसे में इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनके पास छुट्टी लेकर जाने के अलावे कोई रास्ता नहीं था, अगर ऐसी स्थिति रही तो काम करना मुश्किल है।
जिस पर स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि चाहते है तो पद छोड़ दें
जिस पर स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि चाहते है तो पद छोड़ दें, जिस पर निदेशक ने कहा कि ऐसे कैसे पद छोड़ दूं, कुछ नियम-संगत होना चाहिए। जिसके बाद सांसद संजय सेठ ने मामले को शांत कर आगे की प्रक्रिया शुरू की।
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि रिम्स के
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि रिम्स के पावरग्रिड आश्रय में अब रहने के लिए मात्र 20 रुपये देने होंगे। अभी 100 रुपये प्रति दिन के दर से भुगतान करना होता है। साथ ही बैठक में नेट मशीन खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रिम्स को मॉडल अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रिम्स को मॉडल अस्पताल ऑफ झारखंड बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को रिम्स सभागार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित शासी परिषद (जीबी) की 63वीं बैठक में 17 एजेंडों पर लिए गए फैसले। बैठक की शुरुआत रिम्स के मौजूदा हालात और सुविधाओं की समीक्षा से हुई।