UP News: रामपुर की अदालत ने दो पैन कार्ड मामले में सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है. दोनों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को कस्टडी में ले लिया. अदालत के इस आदेश के बाद कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई.
यह मामला भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज हुआ था. सोमवार को फैसले के दौरान आकाश सक्सेना भी कोर्ट में मौजूद रहे. उनकी मौजूदगी के कारण अदालत परिसर के बाहर भारी संख्या में कार्यकर्ता जुटे. अदालत के आसपास पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.
अब्दुल्ला आजम पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु पूरी न होने के बावजूद विधायक बनने के लिए अपनी उम्र अधिक दिखाने की कोशिश की. इसके लिए उन्होंने दूसरा पैन कार्ड बनवाया. आजम खान पर इस पूरे मामले में बेटे की मदद करने और साजिश रचने का आरोप लगाया गया. इसी फर्जीवाड़े को लेकर मामला दर्ज किया गया था.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी दिसंबर पिछले साल अब्दुल्ला आजम की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने पासपोर्ट और पैन कार्ड से जुड़े फर्जी दस्तावेजों वाली एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि एफआईआर रद्द करने का कोई आधार नहीं दिखता.
आजम खान के खिलाफ कुल 104 मुकदमे दर्ज हैं जिनमें से 11 मामलों में अदालत फैसला सुना चुकी है. अब तक छह मामलों में उन्हें सजा मिल चुकी है जबकि पांच मामलों में वे बरी हुए हैं. दो पैन कार्ड का यह मामला उसी सिलसिले का हिस्सा है.
अदालत का यह फैसला न सिर्फ एक संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम है. यह मामला दिखाता है कि चुनाव और पहचान से जुड़े दस्तावेजों में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर न्यायपालिका सख्त रुख अपनाती है. साथ ही यह भी स्पष्ट होता है कि बड़े राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों को भी कानून के दायरे से बाहर नहीं रखा जा सकता. यह निर्णय आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान और उनके परिवार की भूमिका पर असर डाल सकता है और विपक्षी राजनीति की दिशा भी बदल सकता है.