Jharkhand News: प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी में कोयला कारोबारियों के ठिकानों से कुल 2 करोड़ 20 लाख रुपये नकद और 150 गिफ्ट डीड बरामद हुए हैं. गिफ्ट डीड के जरिए बड़े पैमाने पर जमीन हस्तांतरित की गई जिसे ईडी संदिग्ध मान रही है. 21 नवंबर को धनबाद और दुमका के 18 ठिकानों पर मारी गई रेड में लाल बाबू सिंह, अनिल गोयल, संजय खेमका, अमर मंडल के घर और दफ्तर खंगाले गए.
लाल बाबू सिंह ने अफसरों को घर में घुसने से रोकने के लिए पालतू कुत्ता खोल दिया और दो घंटे तक टीम बाहर खड़ी रही. इस दौरान उसने डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश की जिसे ईडी गंभीर अपराध मान रही है. गणेश अग्रवाल के ठिकाने से 94 लाख हेमंत गुप्ता से 20 लाख दुमका में अमर मंडल से 80 लाख और अंकित खेमका से 26 लाख रुपये नकद मिले. ये सभी अनिल गोयल के करीबी सहयोगी हैं. नकदी का कोई संतोषजनक हिसाब नहीं देने पर सारा कैश जब्त कर लिया गया. अमर मंडल के घर से मिले 150 गिफ्ट डीड पर ईडी की खास नजर है.
ईडी की यह कार्रवाई कोयला घोटाले की जड़ तक पहुंचने का सबसे बड़ा कदम है. 2 करोड़ 20 लाख कैश और 150 गिफ्ट डीड बताते हैं कि काला धन जमीन में बदलकर सफेद किया जा रहा था. लाल बाबू सिंह का कुत्ता खोलना और सबूत मिटाने की कोशिश साफ दर्शाती है कि कारोबारी कितने बौखलाए हुए हैं. गणेश अग्रवाल, हेमंत गुप्ता, अंकित खेमका, अनिल गोयल का पूरा नेटवर्क खुलकर सामने आएगा. अगर ईडी ने गिफ्ट डीड की चेन ट्रेस कर ली तो सैकड़ों एकड़ जमीन जब्त हो सकती है. यह सिर्फ धनबाद दुमका का मामला नहीं बल्कि पूरे कोयला बेल्ट में चल रही लूट का आईना है. अब देखना है कि जांच कितनी गहराई तक जाती है और कितने बड़े नाम फंसते हैं.