Jharkhand Weather Update: झारखंड में 25 नवंबर से मौसम का मिजाज बदल गया है. उत्तर पश्चिमी हवाओं की रफ्तार बढ़ने के साथ ही प्रदेश में ठंड का असर तेज हुआ है. पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया है कि अगले 2 दिनों में न्यूनतम पारा और 2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है. इससे कनकनी में और बढ़ोतरी होगी. सबसे ज्यादा असर कोडरमा में देखा गया है जहां न्यूनतम तापमान में 5.8 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है और वर्तमान पारा 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
कई जिलों का पारा 10 डिग्री के नीचे
मौसम केंद्र के अनुसार 25 नवंबर की सुबह 10 बजे तक गुमला का न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो राज्य में सबसे कम है. हजारीबाग में 9.9, खूंटी में 10.1, डाल्टनगंज में 10.2, लोहरदगा में 10.3 और लातेहार में 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रांची का न्यूनतम तापमान 11.1, बोकारो 11.2, जमशेदपुर 13.5 और धनबाद 12 डिग्री सेल्सियस रहा. अधिकतम तापमान की बात करें तो राज्य के सभी जिलों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे है. गोड्डा में सबसे अधिक 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि जमशेदपुर, डाल्टनगंज, देवघर, पाकुड़, सिमडेगा और चाईबासा का अधिकतम तापमान 27 और 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा.
28 नवंबर से मिलेगी राहत
वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि 28 नवंबर से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है. इससे नवंबर के अंतिम दिनों में कड़ाके की सर्दी से हल्की राहत मिलेगी. हालांकि सुबह धूप निकलने से पहले और शाम के बाद गुलाबी ठंड बनी रहेगी. 26 नवंबर से 30 नवंबर के बीच अधिकतर जिलों में सुबह के समय कोहरा और धुंध रहने की संभावना है जिसके बाद आंशिक बादल छाए रहेंगे.
स्वास्थ्य पर प्रभाव, एहतियात जरूरी
मौसम केंद्र ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने और खानपान पर ध्यान देने की सलाह दी गई है. बच्चों और बुजुर्गों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है क्योंकि इस मौसम में दस्त, उल्टी, सिर दर्द और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. धुंध और कोहरा बढ़ने से विमान सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है. कई उड़ानों को कम विजिबिलिटी के कारण डायवर्ट करना पड़ा जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी.
झारखंड में ठंड का यह दौर पूरी तरह उत्तर पश्चिमी हवाओं की सक्रियता से जुड़ा है. लगातार गिरता तापमान साफ संकेत देता है कि दिसंबर के शुरुआती हफ्तों में सर्दी और बढ़ सकती है. पहाड़ी जिलों में तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ जाना मौसम की सख्ती को दर्शाता है. हालांकि 28 नवंबर के बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना राहत देने वाली है, लेकिन कोहरे की समस्या अगले कुछ दिन बनी रह सकती है.