Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-11-27

Jamshedpur News: टाटा वर्कर्स यूनियन में संविधान संशोधन को लेकर बढ़ी बेचैनी, कमेटी मेंबर और कर्मचारी जानकारी के इंतजार में

Jamshedpur News: टाटा स्टील की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन में संविधान संशोधन को लेकर उठे सवालों के बीच कमेटी मीटिंग का दौर जारी है. 26 नवंबर को हुई कमेटी मीटिंग के बाद अब 28 नवंबर को कंफर्मेशन मीटिंग होगी. मीटिंग की तारीख तय है, प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी जस का तस है कि आखिर संविधान में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं.

यूनियन नेतृत्व की ओर से सिर्फ रायशुमारी कर ली गयी है. हालांकि यूनियन के अध्यक्ष, महामंत्री या डिप्टी प्रेसिडेंट में से कोई भी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि बदलाव होंगे तो कौन से. समर्थक कमेटी मेंबर और निचले अधिकारी भी नेतृत्व के करीबी बने रहने की वजह से हामी तो भर रहे हैं, लेकिन असल बदलाव की जानकारी उनके पास भी नहीं है. विरोधी कमेटी मेंबर भी अनिश्चितता में हैं.

टाटा वर्कर्स यूनियन का सौ साल से ज्यादा का इतिहास रहा है. कर्मचारियों के पैसे से चलने वाली इस संगठनात्मक व्यवस्था में होने वाले बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. यूनियन के भविष्य, उसके संचालन और कार्यप्रणाली में अगर कोई संशोधन होने वाला है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी कमेटी मेंबरों और कर्मचारियों को मिलनी चाहिए थी. लेकिन अब तक कोई ठोस ब्योरा सामने नहीं आया है.

26 नवंबर की मीटिंग में कमेटी मेंबरों की रायशुमारी हो चुकी है. इसके मिनट्स को 28 नवंबर को पढ़कर सुनाया जायेगा. यह भी देखना होगा कि क्या उसी दिन संशोधन से जुड़े बिंदु बताये जायेंगे या नहीं. यदि नेतृत्व किसी बदलाव का प्रस्ताव ला रहा है, तो कमेटी मेंबर और कर्मचारी यह जानना चाहते हैं कि यूनियन किस दिशा में आगे बढ़ने वाली है. उन्हें यह अधिकार है कि प्रस्तावित बदलावों का समर्थन या विरोध कर सकें.

संविधान संशोधन की प्रक्रिया के तहत यूनियन को आमसभा यानी एजीएम में जाना होगा, जहां कर्मचारियों की सहमति आवश्यक होगी. ऐसे में आम कर्मचारियों के बीच संभावित बदलावों का खुलासा होना जरूरी है ताकि यूनियन अपनी पारदर्शिता को साबित कर सके और कर्मचारी अपनी राय बेझिझक रख सकें.

टाटा वर्कर्स यूनियन में संविधान संशोधन की चर्चा कर्मचारियों और कमेटी मेंबरों के बीच अनिश्चितता बढ़ा रही है. पारदर्शिता किसी भी यूनियन की मजबूती की आधारशिला होती है. जब बदलाव की प्रक्रिया चुप्पी में आगे बढ़े, तो संगठन के भीतर अविश्वास बढ़ना स्वाभाविक है. आने वाले दिनों में यूनियन की ओर से यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि प्रस्तावित संशोधन वास्तव में क्या हैं और उनका असर किस रूप में सामने आयेगा.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !