Jharkhand: झारखंड में कड़ाके की ठंड और शीत लहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए, राज्य सरकार ने आम जनजीवन को राहत पहुँचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तत्काल प्रभाव से ₹79 लाख की राशि आवंटित की है। यह धनराशि शीत लहर के कारण उत्पन्न होने वाले दुष्प्रभावों से निपटने के लिए राज्य के 24 जिलों में खर्च की जाएगी। राज्य के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है। इस आवंटन का मुख्य उद्देश्य सबसे अधिक प्रभावित लोगों तक त्वरित सहायता सुनिश्चित करना है।
तत्काल सहायता पर सरकार का ज़ोर
आपदा प्रबंधन मंत्री इरफ़ान अंसारी ने इस पहल की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार ठंड से प्रभावित लाचार और बेसहारा लोगों की मदद के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "यह आवंटन इसलिए किया गया है ताकि ज़िलों में राहत कार्य बिना किसी देरी के शुरू किए जा सकें। हमारा उद्देश्य है कि ठंड के कारण किसी भी नागरिक को परेशानी न हो और उन्हें तत्काल कंबल, अलाव और आश्रय जैसी बुनियादी सहायता मिल सके।
जिलों में वितरण और राहत कार्य
विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह राशि राज्य के सभी 24 जिलों को उनकी आवश्यकता और ठंड की गंभीरता के आधार पर वितरित की गई है। इस धन का उपयोग मुख्य रूप से गरीबों और बेघरों के लिए रात के आश्रयों की व्यवस्था करने, सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करने, और कंबल वितरित करने जैसे कार्यों में किया जाएगा।
मंत्री अंसारी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया
मंत्री अंसारी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे राहत कार्यों के संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें और यह सुनिश्चित करें कि आवंटित राशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ ज़रूरतमंदों तक मदद पहुँचाने में किया जाए। सरकार की यह त्वरित कार्रवाई, राज्य में बढ़ते तापमान में गिरावट के बीच एक बड़ी राहत के रूप में सामने आई है।