Jharkhand News: शराब घोटाले और हजारीबाग में विनय चौबे के DC रहने के दौरान हुए लैंड स्कैम की जांच कर रही ACB को चौबे और उनके परिजनों से जुड़े करोड़ों रुपये के लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले हैं. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी ने हाल के दिनों में उनके ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी और साले शीपीज त्रिवेदी को पूछताछ के लिए बुलाया. एसीबी के अनुसार दोनों ही अधिकारी उनके खातों में आए भारी भरकम रकम के स्रोत का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके.
एसीबी की जांच में सामने आया कि विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता, साले शीपीज त्रिवेदी और उनकी पत्नी प्रियंका त्रिवेदी के अलावा विनय चौबे के ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी के विभिन्न बैंक खातों में भी पिछले कुछ वर्षों में अज्ञात खातों से लगभग तीन करोड़ रुपये आए हैं. यह राशि बैंक ऑफ इंडिया की अलग-अलग शाखाओं में संचालित खातों में जमा हुई है. पूछताछ के दौरान सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी इन पैसों का संतोषजनक ब्यौरा नहीं दे पाए.
एसीबी पहले ही यह जानकारी इकट्ठा कर चुकी है कि शीपीज त्रिवेदी और उनकी पत्नी प्रियंका त्रिवेदी के खातों में वर्ष 2011 से 2014 के बीच पंजाब नेशनल बैंक की रांची मेन रोड शाखा से कई बार लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए. एजेंसी के अनुसार इन खातों में नकद लेनदेन के भी पर्याप्त सबूत मौजूद हैं.
एसीबी की जांच में यह तथ्य भी पहले सामने आ चुका है कि विनय चौबे के करीबी विनय सिंह की कंपनी नेक्सजेन से चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता को करोड़ों रुपये कंसल्टेंसी फीस के नाम पर दिए गए. एजेंसी ने इस लेनदेन को भी संदिग्ध माना है. इसी आधार पर एसीबी ने विनय चौबे, उनकी पत्नी और परिजनों को आय से अधिक संपत्ति के मामले में नामजद किया है. सोमवार को एजेंसी ने कांड संख्या 20/2025 दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है.
एसीबी की जांच कई बिंदुओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है. सबसे पहले परिवार के विभिन्न सदस्यों के खातों में आए करोड़ों रुपये का साफ-सुथरा स्रोत उपलब्ध नहीं है. दूसरे, जिन खातों में रकम आई वह कई वर्ष पुराने हैं और लेनदेन का तरीका संदिग्ध दिखाई देता है. तीसरे, कंसल्टेंसी फीस के नाम पर भारी रकम का ट्रांसफर भी जांच के दायरे में है. यह पूरा मामला बताता है कि जांच आगे और कई परतें खोल सकता है और कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.