Dumka: दुमका जिले में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां संथाल परगना महिला महाविद्यालय के फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर अविनाश शरण को साइबर ठगों ने चार दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए 15 लाख रुपए की भारी ठगी का शिकार बना लिया। आरोपी खुद को मुंबई पुलिस, सीबीआई और ट्राई (TRAI) का अधिकारी बताकर प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट में ले आए और फिर बच्चों को नुकसान पहुँचाने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूल लिए।
कैसे फँसाया प्रोफेसर को जाल में?
पीड़ित प्रोफेसर ने दुमका नगर थाना में दर्ज एफआईआर में बताया कि 15 नवंबर को एक अनजान नंबर से उन्हें कॉल आया। कॉल उठाते ही सामने से एक महिला की आवाज आई जिसने अपना नाम हर्षिका शर्मा और पद टीआरएआई कर्मचारी बताया। उसने धमकाते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल एयरटेल सिम खरीदने में हुआ है, जिसका उपयोग अवैध गतिविधियों में किया गया है।
इसके बाद महिला ने कथित तौर पर मुंबई पुलिस मुख्यालय का नंबर कॉन्फ्रेंस में मिलाया। कॉल तुरंत व्हाट्सऐप पर शिफ्ट हो गया। उधर से बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि प्रोफेसर एक नरेश गोयल नामक व्यक्ति के साथ मनी लांड्रिंग केस में शामिल पाए गए हैं।
अगले चार दिनों तक प्रोफेसर पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। कभी बच्चों को हिरासत में लेने की धमकी, कभी राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर गोपनीयता में चूक का आरोप। उनसे कहा गया कि मुंबई पुलिस और सीबीआई उनकी चल-अचल संपत्तियों की जांच करेगी और उन्हें जल्द मुंबई पहुँचना होगा।
प्रोफेसर की मुंबई न जा पाने की स्थिति में आरोपियों ने उनसे 15 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा। बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरे-सहमे प्रोफेसर ने अपने एसबीआई खाते से डिब्रूगढ़ स्थित यस बैंक के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से पूरे 15 लाख रुपये भेज दिए। पीड़ित के अनुसार, परिवार को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे इसलिए उन्हें यह रकम भेजनी पड़ी।
पुलिस कर रही है जांच
दुमका नगर थाना प्रभारी जगन्नाथ धान ने बताया कि यह मामला डिजिटल अरेस्ट का है, जिसमें अपराधी सरकारी एजेंसी बनकर पीड़ित को मानसिक रूप से नियंत्रित कर लेते हैं। मामले की जांच के लिए टेक्निकल सेल को रिपोर्ट सौंप दी गई है। प्राप्त तकनीकी इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लोगों को चेतावनी
पुलिस का कहना है कि लगातार जागरूकता अभियान के बावजूद लोग साइबर ठगों के जाल में फंस रहे हैं। स्कूल और कॉलेजों में छात्रों को साइबर सुरक्षा के बारे में शिक्षित किया जा रहा है, फिर भी अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। प्रोफेसर ने पुलिस से अपने ठगे गए पैसे वापस दिलाने की मांग की है।