Jharkhand News: तुपुदाना से खूंटी होते हुए कुंदलीबाड़ी तक प्रस्तावित फोर लेन सड़क परियोजना भूमि अधिग्रहण की समस्या में उलझ गई है. लगभग 1907 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना पर काम जमीन उपलब्ध न होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है. प्रभावित रैयतों को दिया जाने वाला करीब 504 करोड़ का मुआवजा पूरा वितरित नहीं हो सका है जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया अधर में है.
यह परियोजना एनएचएआई द्वारा विकसित की जानी है जिसे मार्च 2024 में मंजूरी मिली थी. योजना के अनुसार तुपुदाना से खूंटी होते हुए कुंदलीबाड़ी तक सड़क का चौड़ीकरण कर इसे फोर लेन में विस्तारित किया जाना है. लेकिन भूमि उपलब्ध नहीं होने की वजह से कई हिस्सों में निर्माण की शुरुआत तक नहीं हो पाई है. इससे परियोजना की समय सीमा लगातार बढ़ती जा रही है.
जिला प्रशासन ने बताया कि रांची के 7 गांव और खूंटी के 17 गांव इस परियोजना से प्रभावित हैं. कुल लगभग 140 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है. लेकिन मुआवजा वितरण लंबित है और कई मामलों में आपत्तियां भी दर्ज हैं जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया रुक गई है.
देरी को देखते हुए एनएचएआई एक बार फिर से निविदा जारी करने की तैयारी कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही मुआवजा वितरण पूरा होगा जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज की जाएगी और उसके बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा.
इस परियोजना में देरी से स्पष्ट है कि भूमि अधिग्रहण अब भी बड़ी प्रशासनिक चुनौती बना हुआ है. मुआवजे का पूरा वितरण न होना रैयतों की असंतुष्टि और प्रक्रिया की जटिलता दोनों को दर्शाता है. एनएचएआई द्वारा पुनः निविदा की तैयारी यह संकेत देती है कि परियोजना समय से काफी पीछे जा चुकी है. सड़क परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास की रीढ़ मानी जाती हैं और इस देरी का असर भविष्य की कनेक्टिविटी और निवेश दोनों पर पड़ेगा.