Jharkhand News: धनबाद में कोयला चोरी के मुद्दे पर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं. प्रवर्तन निदेशालय की हाल की छापेमारी के बाद कोयला चोरी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है और दोनों दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.
झामुमो ने सोशल मीडिया पर मरांडी पर सीधा हमला किया है. पार्टी ने पोस्ट कर कहा कि अगर मरांडी में हिम्मत है तो ढुल्लू महतो पर एक उंगली डालकर दिखाएं. झामुमो ने दावा किया कि महतो के रसूख से पूरा देश वाकिफ है और उन्हें छूना भाजपा के लिए राजनीतिक खतरा साबित हो सकता है. पार्टी ने आरोप लगाया कि जैसे ही राज्य सरकार ने कोयला कारोबार पर कार्रवाई शुरू की तो भाजपा नेता कहानी सुनाने लगे. साथ ही घाटशिला में भाजपा की हार पर भी चुटकी ली.
झामुमो ने एलबी सिंह से मरांडी के संबंधों पर भी सवाल उठाए और कहा कि जल्द ही जनता के सामने कई नाम उजागर होंगे. पार्टी ने भाजपा पर कोयला कारोबारियों को बचाने का आरोप लगाया.
उधर, बाबूलाल मरांडी ने भी सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि धनबाद में कोयला चोरी के खिलाफ उनकी मुहिम का असर दिख रहा है. उनका दावा है कि खुलासों और ईडी की कार्रवाई के बाद धंधा धीमा पड़ा है और जनता से भरपूर समर्थन मिल रहा है. मरांडी ने कहा कि कई लोग उन्हें जानकारी भेज रहे हैं कि उनके पिछले खुलासों में कुछ बड़े नाम अब तक सामने नहीं आए हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी कोयला माफिया की जानकारी उन्हें मोबाइल या व्हाट्सएप पर भेजें. उन्होंने आश्वासन दिया कि पहचान गोपनीय रखी जाएगी.
हाल की ईडी छापेमारी में नगदी और जेवरात बरामद हुए थे. साथ ही कई हार्ड कोक भट्ठों में स्टॉक से अधिक कोयला पाया गया था. इसके बाद मरांडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोयला चोरी के कई स्थानों का खुलासा किया था और धंधे में शामिल नामों को सार्वजनिक किया था.
धनबाद में कोयला चोरी को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक जंग अब खुले आम चुनौती तक पहुंच चुकी है. झामुमो और भाजपा दोनों एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. ईडी की छापेमारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है. हालांकि आरोप प्रत्यारोप के बीच असल सवाल यह है कि क्या कोयला चोरी के बड़े नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई होगी या यह मुद्दा भी राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा.