World AIDS Day: विश्व एड्स दिवस पर झारखंड एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ताजा रिपोर्ट ने राज्य में HIV संक्रमण की स्थिति को एक बार फिर सामने लाया है. अप्रैल से अक्टूबर तक 1,47,639 लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें 1,139 लोग संक्रमित पाए गए. इनमें 1,095 मरीजों को एआरटी सेंटर से जोड़ दिया गया है ताकि नियमित जांच और दवा उपलब्ध हो सके.
गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग में भी कई जिलों की चिंताजनक स्थिति सामने आई है. इस अवधि में 4,74,831 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई जिसमें 86 महिलाएं एचआईवी संक्रमित पाई गईं. पाकुड़ में सबसे अधिक 13 नई गर्भवती मरीज मिलीं. यहां 15,760 जांचों में यह संख्या सामने आई. पूर्वी सिंहभूम दूसरे स्थान पर रहा जहां 15,928 स्क्रीनिंग में 10 संक्रमित महिलाएं मिलीं. राजधानी रांची में 32,512 स्क्रीनिंग के बाद 7 महिलाएं संक्रमित पाई गईं.
कुछ जिलों में राहत की स्थिति भी रही. चतरा, देवघर, गुमला, गढ़वा और जामताड़ा में एक भी नई गर्भवती महिला संक्रमित नहीं मिली. कुल संक्रमित गर्भवती महिलाओं की बात करें तो हजारीबाग में 28, पूर्वी सिंहभूम में 22, रांची में 19, धनबाद और पलामू में 18-18, गिरिडीह और पाकुड़ में 15-15 और गोड्डा में 10 मरीज मिले. चतरा अकेला जिला रहा जहां एक भी गर्भवती संक्रमित महिला चिन्हित नहीं हुई.
सामान्य संक्रमितों की बात करें तो पूर्वी सिंहभूम में सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई. 12,629 स्क्रीनिंग में 206 मरीज मिले. रांची में 23,887 जांचों के बाद 173 संक्रमित पाए गए. हजारीबाग में 109, धनबाद में 96, पलामू में 80, गिरिडीह में 65, चाईबासा में 56, कोडरमा में 51 और दुमका में 50 संक्रमित मरीज पहचाने गए.
कम संक्रमित मामलों वाले जिलों में स्क्रीनिंग बेहद कम हुई. जामताड़ा में केवल तीन मरीज मिले. खूंटी और लातेहार में 5-5, सिमडेगा और गुमला में 8-8, चतरा और रामगढ़ में 11-11, लोहरदगा में 12 और सरायकेला में 14 मरीज पाए गए. रिपोर्ट बताती है कि जहां स्क्रीनिंग कम रही वहां संक्रमितों की संख्या भी कम दर्ज हुई.
रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि जिन जिलों में स्क्रीनिंग ज्यादा की गई वहां संक्रमितों की संख्या भी अधिक सामने आई. पूर्वी सिंहभूम और रांची जैसे जिलों में सक्रिय जांच के कारण वास्तविक स्थिति सामने आ रही है. वहीं जामताड़ा जैसे जिलों में कम स्क्रीनिंग के कारण आंकड़े कम दिखते हैं जो स्थिति का सही आकलन नहीं होने देता. गर्भवती महिलाओं में संक्रमण का मिलना स्वास्थ्य तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है. राज्य को स्क्रीनिंग बढ़ाने, व्यापक जागरूकता और एआरटी सेवाओं की पहुंच मजबूत करने पर और जोर देना होगा.