Jharkhand Big News: झारखंड में आतंक फैलाने वाले अमन साहू गिरोह पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ गया है. गिरोह से जुड़े कुख्यात अपराधी राहुल सिंह के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. यह नोटिस झारखंड पुलिस के अनुरोध पर CBI-इंटरपोल द्वारा जारी किया गया है.
जानकारी के अनुसार राहुल सिंह की सक्रियता पलामू, रांची, चतरा, हजारीबाग और लातेहार जैसे जिलों में रही है. गिरोह कारोबारियों और ठेकेदारों से लेवी वसूली के जरिए भय का माहौल तैयार करता रहा है. ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां राहुल सिंह की पहचान, लोकेशन और संभावित गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां जुटाने में लगेंगी. इससे उसकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ जाएगी.
ब्लू कॉर्नर नोटिस इंटरपोल द्वारा जारी एक अंतरराष्ट्रीय अलर्ट है. इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान और ठिकाने से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्र करना होता है. यह नोटिस जांच को आगे बढ़ाने और संदिग्ध की अंतरराष्ट्रीय मूवमेंट को ट्रैक करने में मददगार साबित होता है.
अमन साहू गैंग के खिलाफ इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई हो चुकी है. अगस्त 2025 में गिरोह के मुख्य सदस्य सुनील मीणा को अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर रांची लाया गया था. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. पूछताछ में मीणा ने गिरोह के कई विदेशी नेटवर्क का खुलासा किया था. उसने बताया था कि गिरोह के कई सदस्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और मलेशिया जैसे देशों से संचालन कर रहे हैं. उसने यह भी स्वीकार किया था कि मयंक सिंह लंबे समय तक मलेशिया में रहकर गैंग को सहारा देता था. एटीएस ने मीणा से रंगदारी, निवेश, हथियारों की खरीद और वित्तीय लेनदेन पर विस्तृत पूछताछ की थी.
अमन साहू गिरोह के खिलाफ लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई यह दर्शाती है कि झारखंड में संगठित अपराध का नेटवर्क सीमाओं से बाहर तक फैला हुआ है. ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी होने से पुलिस को वैश्विक एजेंसियों की मदद मिल सकेगी, जिससे फरार अपराधियों की तलाश और गिरफ्तारी की संभावना मजबूत होगी. यह कदम राज्य में सक्रिय अपराधी गिरोहों पर दबाव बढ़ाने और उनके नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.