Jharkhand News: झारखंड में नकली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए CID ने सभी जिलों को तत्काल प्रभाव से एक व्यापक अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है. CID IG ने जिलों के DC और SP को पत्र भेजकर संयुक्त कार्रवाई की रूपरेखा तय करने को कहा है.
यह निर्देश हाईकोर्ट में लंबित उस जनहित याचिका के संदर्भ में जारी किया गया है जिसमें राज्य में नकली दवाओं और नियंत्रित दवाओं की अनियमित बिक्री को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. कोर्ट में कहा गया था कि कई जिलों में बिना किसी चिकित्सीय सलाह के दवाओं की बिक्री हो रही है और कुछ जगहों पर प्रतिबंधित दवाओं का भी गलत तरीके से वितरण किया जा रहा है.
सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि जिला पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की एक संयुक्त टीम तुरंत गठित की जाए और 5 दिसंबर तक जिले में मौजूद सभी थोक और खुदरा औषधि दुकानों की गहन जांच की जाए. इस जांच में स्टॉक रजिस्टर, खरीद और बिक्री से जुड़े कागजात और विशेषकर नियंत्रित दवाओं की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड खंगालने का निर्देश दिया गया है.
जांच के दौरान अगर अनियमितता मिलती है तो सीआईडी ने संबंधित जिलों को कानूनी कार्रवाई करने को कहा है. इस अभियान की पूरी रिपोर्ट जल्द से जल्द सीआईडी मुख्यालय को भेजनी होगी.
यह कदम बताता है कि राज्य सरकार और जांच एजेंसियां दवा आपूर्ति प्रणाली की निगरानी को लेकर सख्त रुख अपनाना चाहती हैं. नकली और प्रतिबंधित दवाओं का बढ़ता नेटवर्क न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि मेडिकल सेक्टर में भरोसे को भी प्रभावित करता है. इस संयुक्त अभियान से सिस्टम की कमजोरियों की पहचान होगी और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.