Jamshedpur: जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित लिंडे कंपनी के मुख्य द्वार पर शनिवार को कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ ज़ोरदार विरोध जताया। श्रमिकों का आरोप है कि प्रबंधन ने उन्हें बिना किसी वैध कारण के नौकरी से हटा दिया और साथ ही उनका वेतन भी रोक दिया गया। इतना ही नहीं, उन्हें ग्रेच्यूटी सहित अन्य अधिकारिक लाभों का भुगतान भी नहीं किया गया, जिसके चलते वह आक्रोशित होकर सड़क पर उतरने को मजबूर हुए।
सात कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
मैकेनिकल मेंटेनेंस विभाग में काम करने वाले राणा प्रताप ने बताया कि वर्ष 2020 में उन्हें अचानक सेवा से हटा दिया गया था। इसके बाद से न तो उनका बकाया वेतन दिया गया और न ही किसी प्रकार की सहायता। राणा के अनुसार उस समय कुल सात कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था, जो आज तक न्याय पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
शिकायत भी दर्ज कराई
शनिवार के इस विरोध में राणा प्रताप के साथ निकाले गए दूसरे मजदूर सुदीप हेंब्रम भी मौजूद थे। राणा ने बताया कि वह कई बार कंपनी के मैकेनिकल मैनेजर सुधीर कुमार से बातचीत करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने उनका फोन नंबर ही ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके बाद मजदूरों ने सामूहिक रूप से डीएलसी कार्यालय में शिकायत भी दर्ज कराई, पर कंपनी की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज़ करेंगे।