Uttarakhand: उत्तराखंड सरकार के “अतिक्रमण मुक्त राज्य” अभियान को तेज़ गति देने के लिए नैनीताल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने आज सुबह यानी 07 दिसंबर, 2025 को रामनगर के पुछड़ी क्षेत्र में रिज़र्व फॉरेस्ट भूमि पर फैले अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। इस अभियान में भारी पुलिस बल के साथ-साथ JCB मशीनों का भी इस्तेमाल किया गया और कोसी नदी के किनारे बने अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
NGT के निर्देश पर की गई कार्रवाई
यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों के अनुरूप कई महीनों से तैयार की जा रही थी। सभी अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे और उन्हें अवैध निर्माण हटाने का समय भी दिया गया था। आज की कार्रवाई में पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जों और निर्माणों को तोड़कर साफ किया।
भारी पुलिस हुई तैनाती
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस तैनाती की गई थी। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ या गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाएगी। इस तरह की गतिविधियां सरकारी कार्यों को प्रभावित करने या विरोध प्रदर्शन की स्थिति उत्पन्न करने के प्रयास के रूप में देखी जाएंगी।
नैनीताल के एसएसपी निर्देश
नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने इस ऑपरेशन का स्वयं मॉनिटरिंग करते हुए साफ संदेश दिया है कि “सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य केवल अवैध निर्माण हटाना नहीं है, बल्कि कानून का पालन सुनिश्चित करना और उत्तराखंड को अतिक्रमण मुक्त बनाना है।”
सभी अवैध कब्जों को हटाना अनिवार्य
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान मुख्यमंत्री के “डेमोग्राफिक बदलाव रोकने और अतिक्रमण मुक्त उत्तराखंड” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है। राज्य सरकार ने पहले भी स्पष्ट किया है कि पर्यटन और विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण और जंगल की सुरक्षा भी प्राथमिकता है, और इस दिशा में सभी अवैध कब्जों को हटाना अनिवार्य है।