South Eastern Railway News: दक्षिण पूर्व रेलवे ने ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों द्वारा व्लॉगिंग और लाइव स्ट्रीमिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इस संबंध में गार्डन रीच कोलकाता स्थित मुख्यालय से 3 दिसंबर को प्रिंसिपल चीफ ऑपरेशन मैनेजर की ओर से नया आदेश जारी किया गया है. आदेश में कहा गया है कि कई कर्मचारी काम के समय सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाते पाए गए हैं, जिसे रेलवे ने गंभीर आचरण उल्लंघन माना है.
ऑफिशियल कामकाज पर पड़ता है असर: रेलवे प्रशासन
रेलवे प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि ऐसा व्यवहार न केवल जोखिम पैदा करता है बल्कि ऑफिशियल कामकाज पर असर डालता है. सुरक्षा में कमी आती है, गोपनीयता बाधित होती है और रेलवे की प्रोफेशनल छवि को नुकसान पहुंचता है. इसी वजह से सभी कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से आदेश लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.
ड्यूटी के दौरान अथवा यूनिफॉर्म में रेल परिसर पर फोटो-वीडियो बैन
नए दिशानिर्देशों के अनुसार ड्यूटी के दौरान, यूनिफॉर्म में या रेलवे की किसी भी जगह चाहे वह स्टेशन हो, वर्कशॉप हो, ऑफिस हो, कंट्रोल रूम हो या ट्रेन हो, वीडियो बनाना या फोटो खींचना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. आदेश में यह भी कहा गया है कि कर्मचारी पर्सनल मोबाइल फोन का इस्तेमाल सिर्फ तय किए गए ब्रेक टाइम में ही कर सकेंगे. वह भी नॉन ऑपरेशनल क्षेत्र में और आवश्यक बातचीत तक सीमित रहेगा. काम के समय मोबाइल से सोशल मीडिया कंटेंट बनाना या किसी भी तरह के ऑफिसियल संसाधन का उपयोग करना पूरी तरह मना है.
आदेश में यह भी उल्लेख है कि नियम तोड़ने वाले कर्मचारियों पर रेलवे सेवक अनुशासन और अपील नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सभी कंट्रोलिंग अधिकारियों और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में इन नियमों का सख्ती से पालन कराएं और कर्मचारियों को इसके प्रति जागरूक भी करें.
सोशल मीडिया ट्रेंड और उससे जुड़े जोखिमों की वजह से उठाया गया कदम
रेलवे ने यह कदम बढ़ते सोशल मीडिया ट्रेंड और उससे जुड़े जोखिमों को देखते हुए उठाया है. ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर कंटेंट बनाने की आदत न सिर्फ काम में बाधा डालती है बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े अहम पहलुओं को भी प्रभावित करती है. आदेश सख्त जरूर है लेकिन इसके पीछे उद्देश्य रेलवे की कार्यक्षमता और सुरक्षा को मजबूत करना है.