Jharkhand News: झारखंड सरकार बाल विवाह रोकथाम को नई दिशा देने की तैयारी में है. आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य ऐसी 100 पंचायतों को प्रोत्साहन देगी जो बाल विवाह रोकने में बेहतर काम करेंगी. प्रत्येक चयनित पंचायत को 2.5 लाख रुपये का अनुदान पूंजीगत व्यय के रूप में दिया जाएगा. महिला और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के लिए हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक की अध्यक्षता विकास आयुक्त ने की और विभाग की मौजूदा तथा प्रस्तावित योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई.
बाल विवाह रोकथाम को लेकर विशेष कार्यक्रम
बैठक में अगले वित्तीय वर्ष के लिए कई नई योजनाओं पर विचार हुआ जिनमें बाल विवाह रोकथाम को लेकर विशेष कार्यक्रम शामिल है. इसके अलावा मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों, मैनुअल स्कैवेंजर्स तथा मानव व्यापार और शोषण के शिकार बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के लिए भी अलग योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया. इन सभी योजनाओं पर सालाना लगभग चालीस करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
नई कल्याणकारी योजना लाने की तैयारी में सरकार
राज्य सरकार मैनुअल स्कैवेंजर्स के लिए नई कल्याणकारी योजना लाने की तैयारी में है. इसके लिए नोडल विभाग राज्यभर में व्यापक सर्वे करेगा और ऐसे कर्मियों की पहचान सुनिश्चित करेगा. प्रस्तावित योजना के अंतर्गत सफाई कर्मियों के आर्थिक और सामाजिक पुनर्वास, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार, बच्चों की शिक्षा और किसी अनहोनी पर सहायता राशि की व्यवस्था शामिल होगी. इस मद में सालाना पांच करोड़ रुपये खर्च का अनुमान प्रस्तुत किया गया है.
बाल विवाह अब भी एक बड़ी सामाजिक चुनौती
बाल विवाह देश में अब भी एक बड़ी सामाजिक चुनौती है. गरीबी, शिक्षा की कमी, पारंपरिक सोच और सुरक्षा से जुड़े भ्रम इसकी मुख्य वजह हैं. कई इलाकों में आज भी नाबालिग लड़कियों की शादी कर दी जाती है जिससे उनकी पढ़ाई रुक जाती है और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है. कानून मौजूद हैं लेकिन सामाजिक जागरूकता और मानसिकता में बदलाव के बिना इस समस्या का समाधान मुश्किल बना हुआ है.
सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
सरकार की घोषणा पंचायत स्तर पर प्रतिस्पर्धा और जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है. अनुदान का प्रावधान पंचायतों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर सकता है. मैनुअल स्कैवेंजर्स और मानव व्यापार से प्रभावित लोगों के लिए प्रस्तावित योजनाएं सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम हैं. हालांकि इन योजनाओं की सफलता उचित क्रियान्वयन, निगरानी और समुदाय की भागीदारी पर निर्भर करेगी.