Jharkhand News: जनजातीय समुदाय के प्रमुख पर्व सोहराय को इस बार राज्य सरकार विशेष मान्यता देने जा रही है. कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग ने वर्ष 2026 के लिए सरकारी छुट्टियों का मसौदा तैयार कर लिया है. इस सूची को स्वीकृति के लिए कैबिनेट को भेजा गया है. 8 दिसंबर को प्रस्तावित बैठक में सोहराय पर दो दिनों की छुट्टी को मंजूरी मिलने की संभावना है.
सोहराय पर्व को जनजातीय समुदाय बड़े उत्साह से मनाता है
झारखंड के विभिन्न इलाकों में जनजातीय समुदाय सोहराय पर्व को बड़े उत्साह से मनाता है. यह पर्व दिवाली के बाद कार्तिक अमावस्या के आसपास मनाया जाता है और इसमें मवेशियों की पूजा की जाती है. वर्ष 2025 में रांची और आसपास के क्षेत्रों में यह पर्व 21 अक्टूबर को मनाया गया था. इस दौरान घरों की मरम्मत, पुताई और सजावट जैसे कार्य किए जाते हैं.
संताल परगना में सोहराय का समय अलग होता है. जनवरी 2025 में इस क्षेत्र में 10 से 15 जनवरी के बीच यह पर्व मनाया गया था. यहां घरों की सजावट, उपवास और पूजा-अर्चना इसके प्रमुख हिस्से हैं. वर्ष 2025 के स्कूल कैलेंडर में इस पर्व के लिए छुट्टी शामिल नहीं की गई थी, जिससे शिक्षक वर्ग में नाराजगी देखी गई थी.
सोहराय पर्व पर 2 दिन की छुट्टी सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान
सोहराय पर्व पर दो दिन की सरकारी छुट्टी प्रस्तावित होने से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक परंपराओं को अधिक सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रही है. विभिन्न क्षेत्रों में अलग अलग समय पर मनाए जाने वाले इस पर्व की जमीनी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए छुट्टी तय करना प्रशासनिक दृष्टि से भी आवश्यक माना जा सकता है. इससे समुदाय के भीतर भरोसा बढ़ेगा और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी.