Jharkhand News: झारखंड का उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग लंबे समय से गंभीर बल संकट का सामना कर रहा है. विभाग के पास अपना स्वतंत्र बल नहीं है. छापेमारी के लिए पूरी तरह गृह रक्षकों पर निर्भरता बनी हुई है. यही वजह है कि कार्रवाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है.
1,070 स्वीकृत पदों के मुकाबले महज 169 कर्मचारी
विभाग की टीम कई बार हमलों का शिकार भी हुई है. स्वीकृत बल और मौजूदा बल के बीच भारी अंतर है. अधीक्षक उत्पाद के 20 स्वीकृत पदों में सिर्फ 3 अधिकारी तैनात हैं. उत्पाद सिपाही के 622 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 29 जवान उपलब्ध हैं. कुल 1,070 स्वीकृत पदों के मुकाबले महज 169 कर्मचारी ही वर्तमान में काम कर रहे हैं.
छापामारी के दौरान हो रहा हमला
हाल ही में रांची के टाटीसिलवे थाना क्षेत्र के होरहाप जंगल में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चला रही टीम पर हमला हुआ. टीम भट्ठियां तोड़ रही थी, तभी शराब कारोबारियों ने हमला कर दिया. गाड़ी के शीशे टूटे और टीम के सदस्यों को चोटें आईं. सड़क रोकने के लिए शराब माफिया ने पेड़ काटकर गिरा दिए. उस वक्त टीम के साथ सिर्फ 4 गृह रक्षक मौजूद थे जबकि हमलावर 20 से अधिक थे. बल की कमी के कारण टीम को कई बार जान बचाकर लौटना पड़ता है.
उत्पाद सिपाही की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार ने 2023 में 583 पदों की बहाली निकाली. इनमें अनारक्षित वर्ग के 237 पद, अनुसूचित जनजाति के 148 पद, अनुसूचित जाति के 57 पद, ओबीसी 1 के 50 पद, ओबीसी 2 के 32 पद और ईडब्ल्यूएस के 59 पद शामिल हैं. शारीरिक दक्षता परीक्षा में 1,48,054 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है. अब लिखित परीक्षा जल्द होगी.
ये पद हैं रिक्त
संयुक्त आयुक्त उत्पाद के 1 स्वीकृत पद पर 1 अधिकारी कार्यरत हैं, उपायुक्त उत्पाद के 4 स्वीकृत पद खाली हैं. सहायक आयुक्त उत्पाद के 7 स्वीकृत पदों पर सभी 7 अधिकारी तैनात हैं. अधीक्षक उत्पाद के 20 स्वीकृत पदों में 3 कार्यरत हैं. रसायन परीक्षक के 11 पदों पर कोई तैनाती नहीं है. निरीक्षक उत्पाद के 37 पदों में 28 पद भरे हैं.
तकनीशियन का 1 पद खाली है. आशुलिपिक के 7 पद खाली हैं, दारोगा उत्पाद के 125 स्वीकृत पदों में 55 तैनात हैं. प्रयोगशाला सहायक का 1 पद खाली है, एएसआई उत्पाद के 105 पदों में सिर्फ 3 तैनात हैं. उत्पाद सिपाही के 622 पदों में 29 कार्यरत हैं.
उत्पाद लिपिक के 88 पदों में 34 भरे हैं. चालक के 36 पद पूरी तरह खाली हैं. दफ्तरी के 7 पदों में 4 तैनात हैं. अनुसेवक के 3 पदों में 3 तैनात हैं. प्रयोगशाला परिचर का 1 पद खाली है. स्वीपर के 3 पदों में 1 पद भरा है. रिकॉर्ड कीपर के 1 पद पर 1 कार्यरत हैं. कुल 1,070 स्वीकृत पदों में 901 पद अभी भी खाली हैं.
उत्पाद विभाग है संरचनात्मक संकट में
आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि उत्पाद विभाग संरचनात्मक संकट में है. जहां 1,070 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 169 कर्मचारी उपलब्ध हों, वहां अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण लगभग असंभव हो जाता है. माफिया के लगातार हमले यह दिखाते हैं कि कानून व्यवस्था की स्थिति इस क्षेत्र में बेहद चुनौतीपूर्ण है. बल की कमी न केवल कार्रवाई को प्रभावित कर रही है बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में डाल रही है. यदि पदों की भर्ती और तैनाती को तत्काल प्राथमिकता नहीं दी गई, तो अवैध शराब कारोबारियों का नेटवर्क और अधिक मजबूत हो सकता है और विभाग की संचालन क्षमता और कमजोर होगी.