Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-12-08

Tata Steel UISL MD Death: पार्वती घाट में कल होगा टाटा यूआईएसल के एमडी ऋतुराज सिन्हा का अंतिम संस्कार, 35 वर्षों में ग्रेजुएट ट्रेनी से एमडी तक का सफर

Jamshedpur: टाटा स्टील यूटिलिटीज इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व में जुस्को) के एमडी ऋतुराज सिन्हा का आकस्मिक निधन टाटा समूह और जमशेदपुर शहर के लिए बड़ी क्षति है. टाटा स्टील में 35 सालों के सर्विस में उनकी पहचान एक दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता के रूप में बनी. उन्होंने टाटा की विरासत को आगे बढ़ाया और शहर के नागरिकों के जीवनस्तर को ऊपर उठाने के लिए अथक प्रयास किया. ऋतुराज सिन्हा के नेतृत्व में टाटा स्टील यूआइएसएल (पुराना नाम जुस्को) ने जमशेदपुर को एक आधुनिक और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये. उनके कार्यकाल में शहर में जलापूर्ति, सीवरेज सिस्टम और सड़क प्रबंधन सेवाओं के वितरण को आधुनिक बनाने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग किया गया. उन्होंने बेहतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा-कुशल स्ट्रीट लाइटिंग परियोजनाओं का सफल कार्यान्वयन किया. उनके कार्यकाल में शहर में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बेहतर कार्य के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार मिले.
पार्वती घाट पर कल होगा अंतिम संस्कार

टाटा स्टील यूआइएसएल प्रबंधन के मुताबिक, दिवंगत एमडी ऋतुराज सिन्हा का अंतिम संस्कार मंगलवार की सुबह 11 बजे बिष्टुपुर के पार्वती घाट पर होगा. ऋतुराज सिन्हा अपने पीछे पत्नी निवेदिता सिन्हा, दो बेटे और पोते का भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं. वे लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और बीच-बीच में इलाज के लिए बाहर भी जाते रहते थे. रविवार की दोपहर में खाना खाने के बाद वे घर में बैठे थे, तभी अचानक नाक से खून बहने लगा.

बोकारो के रहने वाले थे ऋतुराज सिन्हा 

ऋतुराज सिन्हा मूल रूप से बोकारो के रहने वाले थे. उन्होंने 1990 में बीआइटी सिंदेरी से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, उसी साल टाटा स्टील से जुड़े. बाद में एक्सएलआर आइ से मैनेजमेंट प्रोग्राम भी पूरा किया. 18 नवंबर 2022 को टाटा स्टील यू आइएसएल के एमडी बने सिन्हा ने अपने नेतृत्व में कंपनी को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया था. सिन्हा अपने सहज स्वभाव, सरल नेतृत्व शैली और कर्मचारियों के साथ सुगम संवाद के लिए जाने जाते थे. ऋतुराज सिन्हा वर्तमान में पत्नी निवेदिता सिन्हा और मां के में साथ विष्टुपुर स्थित कंपनी के बंगले रहते थे. उनके दो बेटे अवकाश सिन्हा और अभिज्ञान सिन्हा है, एक हैदराबाद और दूसरा पुणे में कार्यरत है. वे भी इन दिनों शहर आये हुए थे. शनिवार को ही उनके आवास पर पोते जन्मदिन मनाया गया था और पूरा परिवार खुशी में डूबा हुआ था.


WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !