Jharkhand News: बेड़ो से खूंटी तक एनएच 143AG चौड़ीकरण की परियोजना एक बार फिर रुक गई है. टू-लेन प्लस पेव्ड शोल्डर और कुछ हिस्सों में फोर लेन विकसित किए जाने का काम लंबे समय से प्रस्तावित था. इस पर करीब 492 करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन भूमि अधिग्रहण में लगातार हो रही देरी ने पूरी परियोजना को ठप कर दिया है. इसी वजह से मंत्रालय ने जारी टेंडर रद्द करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि आगे निविदा तभी निकाली जाएगी जब भू अर्जन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.
सड़क चौड़ीकरण होने से यात्रा आसान होती और दुर्घटनाओं का खतरा कम होता
इस निर्णय का सीधा असर उन लोगों पर पड़ा है जो रांची और खूंटी के बीच इस मार्ग से रोजाना गुजरते हैं. सड़क चौड़ीकरण होने से यात्रा आसान होती और दुर्घटनाओं का खतरा कम होता, लेकिन अब लोगों को और लंबा इंतजार करना पड़ेगा. यह रास्ता रांची और खूंटी के बीच आवागमन का अहम हिस्सा है. एनएच ने इसे अपने अधीन लेते हुए 48 किलोमीटर सड़क निर्माण की योजना बनाई थी. रांची जिले में 13.5 किलोमीटर और खूंटी जिले में 34.5 किलोमीटर हिस्से का अधिग्रहण होना था. दोनों जिलों को इसके लिए राशि भी दी जा चुकी है, लेकिन अधिग्रहण की जरूरी औपचारिकताएं पूरी न होने से जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी.
ट्रैफिक बढ़ने के साथ सड़क चौड़ीकरण की योजना जरुरी
वर्तमान स्थिति में यह सड़क अभी भी पथ निर्माण विभाग के अधीन है और काफी संकरी है. वाहनों की बढ़ती आवाजाही के बीच यह मार्ग लगातार दबाव में रहता है. कई बार दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है. ट्रैफिक बढ़ने के साथ सड़क चौड़ीकरण की योजना जरूरत बन चुकी है, लेकिन भूमि उपलब्ध न होने से काम फिर से रुक गया है.
भूमि संबंधी जटिलताएं झारखंड की बड़ी परियोजनाओं में देरी का कारण
एनएच-143AG का चौड़ीकरण रांची से खूंटी तक के यातायात को नई राहत दे सकता था. परियोजना न केवल गति बढ़ाती बल्कि सुरक्षा भी मजबूत करती. लेकिन भूमि संबंधी जटिलताएं झारखंड की बड़ी परियोजनाओं में बार बार सामने आती रही हैं और यह मामला भी उसी का उदाहरण है. टेंडर रद्द होने से अब यह साफ है कि जब तक भूमि की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी तब तक निर्माण आगे नहीं बढ़ पाएगा. इससे विकास परियोजनाओं की समयसीमा प्रभावित होने के साथ लोगों को बेहतर सड़क सुविधा के लिए अनिश्चित इंतजार करना पड़ रहा है.