Jamshedpur Crime News: सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के बाराद्वारी में रहने वाले अमित सोलंकी के घर से सोना और चांदी के गहनों की चोरी की घटना में पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. चोरी 7 दिसंबर की दोपहर करीब 3 बजे हुई थी जब घर में रखे सोने और चांदी के जेवरात अपराधियों ने उड़ा लिए. इस मामले में पुलिस ने आलोक मुखी उर्फ सावन, धीरज कुमार तांती, ज्योति मुखी और बड़ा गम्हरिया निवासी सुनील कुमार प्रसाद को गिरफ्तार किया हैं.
घटना सामने आने के तुरंत बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर मुख्य आरोपी आलोक मुखी उर्फ सावन को पकड़ा. उसने पूछताछ में चोरी स्वीकार की और बताया कि कुछ गहने उसने अपनी बहन ज्योति और उसके पति धीरज को दे दिए थे और बाकी उसने घर में छिपा कर रखा था.
पूछताछ के बाद पुलिस ने ज्योति और धीरज को हिरासत में लिया. दोनों ने भी चोरी किए गए गहनों को अपने पास रखना स्वीकार किया. इसके अलावा बड़ा गम्हरिया के सुनील कुमार प्रसाद से भी बरामदगी की पुष्टि हुई, जिसके पास चोरी की सामग्री पहुंची थी. इस प्रकार कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने आदित्यपुर के बड़ा गम्हरिया स्थित अनन्या ज्वेलर्स से सोने का एक हार बरामद किया. टीम के सदस्य ग्राहक बनकर दुकान पहुंचे और गहने की पहचान कर उसे जब्त कर लिया.
ये सामान हुए बरामद
बरामदगी में 70 हजार रुपये नकद, सोने के दो बाला, सोने का एक कंगन, एक मंगटीका, चांदी के तीन कमरछल्ले, एक बाजूबंद, एक स्कूटी, मोबाइल तथा आलोक के पास से मिले कई कीमती गहने शामिल हैं. कुल बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 14 लाख रुपये है. पुलिस का कहना है कि आलोक और धीरज पहले भी जेल जा चुके हैं और दोनों का अपराध से जुड़ा रिकॉर्ड रहा है. चोरी में इस्तेमाल स्कूटी को भी जब्त कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है. बरामद सामान में सोने का 29 ग्राम का हार, 32 ग्राम के दो बाला, 26 ग्राम के दो कंगन, दो मंगटीका, नथिया, दो टॉप्स, चांदी के तीन छल्ले, एक बाजूबंद, बियालीस चांदी के सिक्के, एक स्कूटी, एक मोबाइल, सत्तर हजार रुपये नकद और घटना के दौरान पहना गया कपड़ा शामिल है.
इस पूरे मामले के खुलासे के लिए पुलिस उपाधीक्षक नगर प्रथम के नेतृत्व में सीतारामडेरा थाना और अन्य इकाइयों की एक विशेष टीम बनाई गई थी. टीम ने लगातार तकनीकी जांच, गुप्त सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर ताबड़तोड़ छापेमारी की.
छापामारी दल
भोला प्रसाद सिंह, निरंजन कुमार, सूरज प्रसाद, राजेश कुमार, रामाशीष ठाकुर, श्रवण कुमार मुण्डा और जितेन्द्र कुमार सिंह
त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना तंत्र से अपराध पर लगाया जा रहा लगाम
यह मामला बताता है कि अपराधियों का नेटवर्क लगातार सक्रिय है और कई बार चोरी की घटनाओं में परिवार या परिचित लोग भी शामिल पाए जाते हैं. पुलिस ने तेजी से काम करते हुए न केवल अपराधियों को पकड़ा बल्कि चोरी का लगभग पूरा सामान भी बरामद कर लिया. इससे यह स्पष्ट होता है कि त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना तंत्र मिलकर बड़े से बड़े अपराध का जल्द समाधान कर सकते हैं. साथ ही यह भी जरूरी है कि ऐसे अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि दोबारा ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.