Jharkhnad Big News: झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (JSSC-CGL) के तहत चयनित सहायक प्रशाखा पदाधिकारी और कनीय सचिवालय सहायकों के लिए प्रमाण पत्र जांच की प्रक्रिया 16 दिसंबर से शुरू होने जा रही है. कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएगी ताकि सभी सफल अभ्यर्थियों की जांच निर्धारित समय में पूरी की जा सके.
- विभागीय अधिसूचना के अनुसार 16 दिसंबर को सहायक प्रशाखा पदाधिकारी पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों की प्रमाण पत्र जांच होगी. प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगी जिसमें क्रम संख्या 1 से 150 तक के अभ्यर्थी शामिल होंगे.
- वहीं दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी जिसमें 151 से 300 तक के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी.
- 17 दिसंबर को भी सहायक प्रशाखा पदाधिकारी पद के अभ्यर्थियों की जांच जारी रहेगी. प्रथम पाली में क्रम संख्या 301 से 450 और द्वितीय पाली में 451 से 600 तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है.
- इसी क्रम में 20 दिसंबर को शेष अभ्यर्थियों की जांच होगी. इस दिन प्रथम पाली में 601 से 750 और दूसरी पाली में 751 से 847 तक के सहायक प्रशाखा पदाधिकारी पद के चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाएगा.
- कनीय सचिवालय सहायक पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों की प्रमाण पत्र जांच 22 दिसंबर को आयोजित की जाएगी. इस दिन प्रथम पाली में क्रम संख्या 1 से 150 और दूसरी पाली में 151 से 288 तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया है. सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर आवश्यक मूल प्रमाण पत्रों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा.
- फैक्ट फाइल के अनुसार JSSC-CGL 2023 में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी पद के लिए कुल 847 अभ्यर्थी सफल हुए हैं जबकि कनीय सचिवालय सहायक पद पर 288 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. प्रमाण पत्र जांच की प्रक्रिया 16 दिसंबर से 22 दिसंबर तक चलेगी और प्रतिदिन दो पालियों में जांच की जाएगी.
नियुक्ति प्रक्रिया को मिलेगी गति
JSSC-CGL 2023 के तहत प्रमाण पत्र जांच की अधिसूचना जारी होने के साथ ही चयन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. यह प्रक्रिया समयबद्ध और चरणवार रखी गई है जिससे प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे और अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. अब प्रमाण पत्र जांच के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है जिससे लंबे समय से प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है.