मृतकों की पहचान अमरनाथ राम और उनकी तीन बेटियों, राधा कुमारी(11), राधिका(9) और शिवानी(7)के रूप में हुई है। अमरनाथ राम ने अपने दो बेटे शिवम और चंदन को भी फांसी लगाने को कहा था लेकिन दोनों बाल बाल बच गए.
सभी पहलुओं की जांच की जा रही
जानकारी के अनुसार, अमरनाथ राम ने रविवार रात घर के अंदर अपनी तीन बेटियों के साथ फांसी लगा ली। उन्होंने अपने दो बेटों शिवम और चंदन को भी फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन दोनों बच्चे किसी तरह बच निकले। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। घटना के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है तथा सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
घटना के बाद गांव में शोक और भय का माहौल है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा।अमरनाथ के बेटे शिवम ने बताया कि रात को पूरे परिवार ने खाने में अंडा और भुजिया और आलू सोयाबीन की सब्जी के साथ चावल खाया था हम लोगों को पाल रहे थे.
सोमवार अहले सुबह पहले पिता ने सबको जगाया शिवम रात में मोबाइल देख रहा था तो उसे दिन नहीं आई थी। अमरनाथ ने अपने पांच बच्चों को गले में पत्नी के साड़ी से फंदा डालकर ट्रंक पर चढ़ गया और घर की छत से लटका दिया।अमरनाथ ने सभी बच्चों को ट्रंक से कूदने के लिए कहा।बेटियां उसके साथ झटके से कूद गए.. शिवम भी कूद गया लेकिन गला दब जाने से दर्द हुआ तो उसने फंदा खोलकर गला से बाहर निकाल लिया उसके बाद चंदन के गले से भी फंदा खोल दिया और बाहर निकाल कर शोर मचाने लगा.. शिवम ने बताया की पत्नी की याद में आहत अमरनाथ है इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई..वही परिजनों को रो रो कर बुरा हाल बना हुआ है..
ग्रामीण राम अवतार राम ने बताया कि बीते रात में अमरनाथ ने अपने तीन बेटियों के साथ खुद फांसी लगा लिया..तीन लडकिया और दो छोटे छोटे लड़के हैं पारिवारिक कारण है ..जनवरी में पत्नी की मौत हो गई थी।काम नही करता था था..सरकारी रासन से घर चलता था।आर्थिक तंगी के कारण आत्म हत्या कर लिया.
बाईट-राम अवतार राम,ग्रामीण
वही ग्रामीण ने बताया कि पिता अपने पुत्री के साथ फाँसी से लटक गई..गरीबी के कारण स्थिति काफी तंगी हाल में था।जिसके कारण वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर लिया..सुबह चार बजे हमलोग हल्ला सुन कर पहुचे.
बाईट-नीलम देवी,ग्रामीण
वही ग्रामीण सीता राम ने बताया कि अमरनाथ कुछ नही करता था..दिन भर इधर उधर घूमते रहता था।पांच बच्चा का पालन पोषण की जिम्मेदारी थी.डीलर राशन देता था उसी से खाना पीना चलता था.