Jharkhand News: झारखंड के सिमडेगा जिले की एक युवती की उत्तर प्रदेश के हापुड़ में दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई. युवती का कंकाल एक सूटकेस में बंद हालत में खेत से बरामद किया गया है. पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में हापुड़ निवासी एक दंपती को गिरफ्तार किया है. पूछताछ के दौरान आरोपी युवक ने दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाने और शिकायत के डर से पीट पीटकर हत्या करने की बात स्वीकार की है. युवती को घरेलू सहायिका का काम दिलाने के बहाने हापुड़ लाया गया था.
गन्ने के खेत में पड़े एक सूटकेस से युवती का कंकाल हुआ बरामद
यह मामला एक दिसंबर को उस समय सामने आया जब पिलखुवा थाना क्षेत्र में एनएच-9 के पास रामा अस्पताल के सामने गन्ने के खेत में पड़े एक सूटकेस से युवती का कंकाल बरामद हुआ. शुरुआती जांच में पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी. इसके बाद पुलिस ने दिल्ली तक जांच का दायरा बढ़ाया और मृतका की पहचान के लिए विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाए गए.
घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थी युवती
मामले के खुलासे में सिमडेगा की ही एक अन्य युवती की भूमिका अहम रही. यह युवती दिल्ली में एक कारोबारी के घर घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर रही थी. दिल्ली के विवेक विहार थाने में लगाए गए पोस्टर देखकर उसने पुलिस को जानकारी दी. उसने बताया कि सविता विहार इलाके में एक घर में उसने एक युवती की हत्या होते देखी थी और वह डर के कारण अब तक चुप थी.
पुलिस ने जब उससे विस्तार से पूछताछ की तो पता चला कि सूटकेस में मिला कंकाल झारखंड के सिमडेगा जिले के ठेठाइंगर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती का है. इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता पाई.
मामले में दंपत्ति गिरफ्तार
पुलिस ने पिलखुवा के गांव डूहरी कट निवासी अंकित कुमार और उसकी पत्नी कलिस्ता उर्फ काली को गिरफ्तार किया है. कलिस्ता मूल रूप से झारखंड के ठेठाइंगर की रहने वाली है. पूछताछ में सामने आया कि यह दंपती झारखंड की गरीब युवतियों को घरेलू सहायिका का काम दिलाने का झांसा देकर उत्तर प्रदेश लाते थे.
युवती के साथ किया गया दुष्कर्म
आरोप है कि अंकित कुमार ने युवती के साथ दुष्कर्म किया और उसका अश्लील वीडियो बनाया. जब युवती ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो दंपती घबरा गए. इसके बाद दोनों ने मिलकर डंडे से हमला कर युवती की बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा और तीन मोबाइल फोन सहित अन्य सामान बरामद किया है.
मानव तस्करी और शोषण की खतरनाक सच्चाई
यह मामला न केवल महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है बल्कि घरेलू काम के नाम पर की जा रही मानव तस्करी और शोषण की खतरनाक सच्चाई को भी उजागर करता है. गरीब और दूरदराज के इलाकों की युवतियां किस तरह अपराधियों का आसान शिकार बन रही हैं यह घटना उसका भयावह उदाहरण है.