Jharkhand मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत ऋण लेने के बाद किस्तों का भुगतान नहीं करने वाले लाभार्थियों के खिलाफ अब प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। जिला कल्याण विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो ऋणधारक 31 दिसंबर तक अपना बकाया नहीं चुकाएंगे, उनके आधार से लिंक बैंक खातों को फ्रीज कर दिया जाएगा। इस संबंध में विभाग द्वारा संबंधित बैंकों को पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इतना ही नहीं डिफॉल्टर लाभार्थियों और उनके गारंटरों के नामों के साथ बकाया राशि की सूची सार्वजनिक की जाएगी। विभाग ने यह भी साफ किया है कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी गई रियायती ऋण राशि का यदि निजी या अन्य कार्यों में दुरुपयोग किया गया तो इसे सरकारी धन का गबन माना जाएगा। ऐसे मामलों में अंतिम चरण में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
बकाया राशि जमा करने का नोटिस जारी
जिला कल्याण कार्यालय के अनुसार जिले में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत कुल 280 ऋणधारकों को डिफॉल्टर की श्रेणी में रखा गया है। इन सभी को पहले 11 सितंबर और उसके बाद 31 अक्टूबर को नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया गया था। ये ऋण वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान लिए गए थे, जिनका उपयोग दुकान खोलने, वाहन खरीदने और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के लिए किया गया था।
डिफॉल्टरों की श्रेणी में ऋणधारक शामिल
डिफॉल्टरों की श्रेणी में अनुसूचित जाति निगम के 78, अनुसूचित जनजाति निगम के 23, अल्पसंख्यक निगम के 67 तथा पिछड़ा वर्ग निगम के 112 ऋणधारक शामिल हैं। जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने बताया कि योजना के तहत ऋण की वसूली से प्राप्त राशि को रीसायकल प्रणाली के तहत नए आवेदकों को रोजगार के अवसर देने के लिए फिर से उपयोग में लाया जाता है। ऐसे में जो लाभार्थी समय पर भुगतान नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध आगे की कार्रवाई के लिए वह
स्वयं जिम्मेदार होंगे।