Jharkhand News: हजारीबाग में कथित अवैध भूमि लेनदेन और नियमविरुद्ध म्यूटेशन से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट से एक अहम आदेश सामने आया है. तत्कालीन डीसी विनय चौबे के कार्यकाल से जुड़े इस प्रकरण के मुख्य आरोपी विनय सिंह को शीर्ष अदालत ने अंतरिम जमानत दे दी है. इससे लंबे समय से चल रहे मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है.
ACB कांड संख्या-11/2025 में नामजद आरोपी हैं विनय सिंह
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने विनय सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें अंतरिम राहत दी है. विनय सिंह ऑटोमोबाइल कारोबारी हैं और एसीबी कांड संख्या-11/2025 में नामजद आरोपी हैं. इस केस में उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह भी आरोपी हैं. एसीबी के अनुसार जिस भूमि को लेकर मामला दर्ज हुआ है वह हजारीबाग सदर अंचल के बभनवे मौजा में स्थित है और फिलहाल उस पर नेक्सजेन शोरूम संचालित है. जांच एजेंसी का आरोप है कि उक्त भूमि की खरीद बिक्री और म्यूटेशन में नियमों का उल्लंघन किया गया.
मामले की गंभीरता कम नहीं होती
यह आदेश दिखाता है कि सुप्रीम कोर्ट व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जांच के संतुलन को प्राथमिकता देता है. अंतरिम जमानत से आरोपी को राहत मिली है लेकिन इससे मामले की गंभीरता कम नहीं होती. आने वाले समय में जांच और ट्रायल की दिशा इस केस के भविष्य को तय करेगी.